कोरोना: हांगकांग से भागकर अमेरिका पहुंची वायरोलॉजिस्ट ने खोली चीन की पोल, अब बचना मुश्किल?

नई दिल्ली, 11 जुलाई: चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस पूरी दुनिया में जमकर कहर बरपा रहा है, अमेरिका, आस्ट्रेलिया फ़्रांस समेत कई देश चीन पर जानबूझकर कोरोना फैलानें का आरोप लगा रहे हैं। दुनियाभर में अबतक कोरोना से 1.20 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि छह लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है कोरोना से इन सब के बीच एक बार फिर से दुनिया से सच्चाई छिपाये जाने को लेकर चीन फिर एक्सपोज हुआ है।

हांगकांग से जान बचाकर अमेरिका पहुंचीं एक वैज्ञानिक ने खुलासा किया है कि कोरोना वायरस को लेकर चीन काफी पहले से जानता था, जब इसने दुनिया को बताई। ऐसा सरकार के सर्वोच्च स्तर पर जानबूझकर किया गया।

हांग-कांग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में वायरोलॉजी और इम्यूनोलॉजी की विशेषज्ञ लि-मेंग यान ने फॉक्स न्यूज को शुक्रवार को दिये इंटरव्यू में कई बड़ी बातें कहीं। उन्होंने कहा, महामारी की शुरुआत में उनकी रिसर्च को उनके सुपरवाइजर्स ने भी इग्नोर किया, जोकि इस फील्ड के दुनिया के टॉप एक्सपर्ट हैं। वह मानती हैं कि इससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती थी।

यान ने कहा कि कोविड-19 पर स्टडी करने वाली वह दुनिया के पहले कुछ वैज्ञानिकों में से एक थीं। चीन सरकार ने विदेशी और यहां तक की हांगकांग के विशेषज्ञों को रिसर्च में शामिल करने से इनकार कर दिया। डॉक्टर और शोधकर्ता जो खुले रूप से वायरस पर चर्चा कर रहे थे अचानक चुप कर दिये गये। वुहान के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने चुप्पी साध ली और दूसरों को चेतवानी दी गई कि उनसे ब्योरा ना मांगें।

गौरतलब है कि अमेरिका बार-बार कह रहा है कि चीन ने जानबूझकर कोरोना फैलाया इसकी जांच की जानी चाहिए लेकिन चीन राजी ही नहीं हो रहा है। परन्तु अब एक के बाद एक ऐसे सबूत मिल रहे हैं जिससे साबित होता है कि चीन ने ही कोरोना फैलाया है।

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