योगी सरकार ने राजा भैया के खिलाफ दर्ज एक भी मुकदमें वापस नहीं लिए हैं?

लखनऊ, 19 जुलाई: हाल ही में इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि अगर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया के खिलाफ दर्ज मुकदमे सरकार के इशारे पर वापस लिए गए हैं तो इसका कारण स्पष्ट किया जाए, हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद यूपी की सियासत में उबाल आ गया, जातिवादी पॉलिटिक्स चरम पर पहुँच गई, अब राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस पूरे मामलें पर अपनी सफाई दी है। सरकार का साफ़ कहना है कि राजा भैया के खिलाफ दर्ज एक भी मुकदमा वापस नहीं लिया गया है।

योगी सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण देते हुए कहा गया कि राजा भैया से जुड़े मुक़दमों को लेकर विभिन्न समाचार माध्यमों में आई खबरों के संदर्भ में ये स्पष्ट करना है कि मार्च 2017 में योगी सरकार बनने के बाद राजा भैया से जुड़ा कोई भी मुक़दमा राज्य सरकार ने वापस नहीं लिया है!

बता दें कि बसपा की टिकट पर राजा भैया के खिलाफ कुंडा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके शिव प्रकाश मिश्र सेनानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार द्वारा रघुराज प्रताप सिंह पर दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने पर आपत्ति जताई थी।

शिव प्रकाश मिश्र सेनानी कि याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भण्डारी व न्यायमूर्ति मनीष कुमार की पीठ ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा था, राज्य सरकार ने कहा, कोई भी मुकदमा वापस नहीं लिया गया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने था कि अगर संतोषजनक कारण सामने नहीं आए तो अदालत स्वत: संज्ञान लेकर इस मामले का परीक्षण करेगी। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद योगी सरकार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि राजा भैया के खिलाफ दर्ज एक भी मुकदमा वापस नहीं लिया गया है।