कोरोना पर तीन देशों का ‘ट्रिपल अटैक’, अमेरिका, रूस और ब्रिटेन का वैक्सीन पर दावा

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस पिछले कई महीनों से देश-दुनिया में कहर बरपा रही है, दुनियाभर में 13,683,796 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जबकि इस खतरनाक महामारी से अबतक 586,195 लोगों की मौत हो चुकी है. हालाँकि अब कोरोना से जल्द निजात मिलनें के आसार दिखाई दे रहे हैं, जी हाँ! कोरोना पर तीन देशों ने ट्रिपल अटैक किया है, अमेरिका, रूस और अमेरिका ने वैक्सीन बनानें का दावा किया है.

मीडिया रिपोर्ट्स रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी कम्पनी माडर्ना की कोरोना वायरस वैक्‍सीन अपने पहले ट्रायल में पूरी तरह से सफल रही। जानकारी के अनुसार, 45 स्‍वस्‍थ लोगों पर इस वैक्‍सीन के पहले टेस्‍ट के परिणाम बहुत अच्‍छे रहे हैं। इस वैक्‍सीन ने प्रत्‍येक व्‍यक्ति के अंदर कोरोना से जंग के लिए एंटीबॉडी विकसित किया। राहत की बात यह है कि मॉडर्ना वैक्‍सीन का कोई खास साइड इफेक्‍ट नहीं रहा जिसकी वजह से वैक्‍सीन के ट्रायल को रोक दिया जाए। इस पहले टेस्‍ट में 45 ऐसे लोगों को शामिल किया गया था जो स्‍वस्‍थ थे और उनकी उम्र 18 से 55 साल के बीच थी।

वहीँ आज ब्रिटेन की ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बनाई गई वैक्‍सीन के शुरुआती ट्रायल के नतीजे घोषित हो सकते हैं. ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्‍ट्रा जेनेका कंपनी मिलकर वैक्‍सीन को बना रहे हैं, वैज्ञानिकों का दावा है कि वैक्सीन सितंबर तक उपलब्ध भी हो जायेगी।

रूस ने भी वैक्सीन बनानें का दावा किया है, रूस का कहना है कि 18 लोगों पर जून से किया जा रहा टेस्ट 100 फीसदी सफल रहा है। अगर इन तीनों देशों के दावे सही होते हैं तो दुनिया के लिए अच्छी खबर हो सकती है।