सपा सांसद पर भड़के संगीत सोम, कहा- सुन रहमान, तेरे खाला की सरकार नहीं है, कानून मानना पड़ेगा

लखनऊ, 22 जुलाई: बकरीद और सामूहिक नमाज को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत गरमा गई है, समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने मांग की है कि बकरीद पर सामूहिक नवाज पढ़ने और कुर्बानी ( जानवर काटने ) की इजाजत दी जाय, सपा सांसद पर पलटवार करते हुए भाजपा विधायक संगीत सोम ने कहा- कोरोना को देखते हुए आलू और साग खाकर भी बकरीद मना सकते हो, क्या जरुरी है? जानवरों का मीट खाना!

दरअसल उत्तर प्रदेश के संभल से सपा सांसद शफीकुर्रहमान ने कहा था, बकरीद पर मुसलमानों को ईदगाह और मस्जिदों में सामूहिक नमाज़ पढ़ने की अनुमति मिलनी चाहिए, बकरीद के मौके पर पशु बाजार लगाए जाने की मांग भी की थी, सपा सांसद ने कहा था कि सामूहिक नवाज पढ़ने से कोरोना भाग जाएगा।

सपा सांसद शफीकुर्रहमान पर करारा पलटवार करते हुए मेरठ के सरधना से भाजपा विधायक संगीत सोम ने कहा कि अगर शफीकुर्रहमान के बयान में दम है तो सबसे पहले पाकिस्तान से कोरोना खत्म हो जाना चाहिए था. जिस तरह आज़म खान की ईद जेल में मनी है, उनकी भी बकरीद जेल में मनेगी. कहां लिखा है कि बकरीद पर खेती करने वाले जानवर कांटे जाएं, साग, आलू खाकर भी ईद मनाई जा सकती है।

संगीत सोम ने कहा कि कोरोना काल में जानवरों का काटना वैसे भी गलत है, भाजपा विधायक ने कहा, हिंदुस्तान कानून के हिसाब से चलता है और आज का कानून यही कहता है कि कोरोना काल में सरकार ने जो नियम बनाये हैं उसे मानने चाहिए। और मानने भी पड़ेंगें। इसके बाद सोम ने कहा, शफीकुर रहमान को ध्यान रखना चाहिए, उनके खाला की सरकार नहीं है, भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, नियम कायदे कानून से ही चलेगी। और कानून का पालन करना होगा।

आपको बता दें कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बकरीद पर सामूहिक नवाज करनें पर पाबन्दी लगा दी है है और खुले में कुर्बानी ( जानवरो के काटने ) पर भी रोक लगाई है, आदेशों का उल्लंघन करने वालों को कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।