अयोध्या: राम मंदिर निर्माण स्थल पर जमीन में 2000 फीट नीचे एक कैप्सूल रखा जाएगा, जानें क्यों?

अयोध्या, 26 जुलाई: अयोध्या में 5 अगस्त को राममंदिर का भूमिपूजन होगा, इससे पहले एक बड़ी जानकारी निकलकर सामनें आई है, राम मंदिर निर्माण स्थल पर जमीन में लगभग 2000 फीट नीचे एक कैप्सूल रखा जाएगा। इसकी जानकारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने दी।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि जमीन में 2000 फिट नीचे कैप्सूल इसलिए रखा जाएगा ताकि भविष्य में जो कोई भी राम मंदिर के इतिहास के बारें में अध्ययन करना चाहता हो, उसे केवल राम जन्मभूमि से सम्बंधित तथ्य प्राप्त होंगें।

आपको बता दें कि 5 अगस्त को होनें वाले भूमिपूजन में शामिल होनें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अयोध्या जायेंगें, इस कार्यक्रम में कुल 200 लोग मौजूद होंगें।

सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर की नींव 15 फीट गहरी होगी, राम मंदिर की नींव में 8 लेयर होंगे. 2-2 फीट की एक लेयर होगी। नींव का प्लेटफॉर्म तैयार करने में कंक्रीट, मोरंग का इस्तेमाल होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राम मंदिर में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा। भूतल मिलाकर राम मंदिर तीन मंजिल का होगा. भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल।

नए मॉडल के मुताबिक राम मंदिर 10 एकड़ में बनेगा। शेष 57 एकड़ को राम मंदिर परिसर के तौर पर विकसित किया जाएगा. राम मंदिर परिसर में नक्षत्र वाटिका बनाई जाएगी, 27 नक्षत्र के वृक्ष लगाए जाएंगे. नक्षत्र वाटिका का बनाने का मकसद है कि अपने अपने जन्मदिन पर लोग अपने नक्षत्र के हिसाब से पेड़ के नीचे बैठकर ध्यान लगा सकें और राम मंदिर परिसर में पूजा अर्चना कर सकें।

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