अब चीन की खैर नहीं? भारत के साथ खड़े हुए रूस, अमेरिका, फ़्रांस, जापान समेत कई शक्तिशाली देश

पिछले कई हफ़्तों से लाइन ऑफ़ एक्चुअल कण्ट्रोल ( LAC ) पर भारत और चीन के बीच तनातनी चल रही है। इन सब के बीच अमेरिका, फ़्रांस समेत दुनिया के कई शक्तिशाली भारत के साथ खड़े हो गए हैं। चीन अब दुनियाभर में अलग-अलग-थलग पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

LAC पर चल रहे विवाद के लिए दुनियाभर के देश चीन को दोषी ठहरा रहे हैं, विदेश सचिव हर्ष व‌र्द्धन श्रृंगला ने चीन के साथ तनातनी पर अमेरिका, रूस, फ्रांस, जर्मनी और जापान के भारतीय राजदूतों को ब्रीफिंग दी है और सूत्रों के मुताबिक सभी देश भारत के पक्ष को समझ रहे हैं व सहानुभूति रखते हैं।

जापान ने कहा- भारत और चीन के LAC पर यथास्थिति में बदलाव के लिये किये जाने वाले किसी भी तरह के प्रयास का जापान विरोध करता है। और ऐसा साफ दिख रहा है कि एलएसी पर एकतरफा प्रयास हो रहे हैं जो अनुचित है। जापान के राजदूत सातोषी सुजुकी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा- विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला से अच्छी बातचीत हुई। एलएसी पर जारी हालात के बारे में उन्होंने जो ब्रीफिंग दी वह सराहनीय है साथ ही भारत सरकार द्वारा शांति समझौते के लिए अपनाई गई नीति भी बेहतर है।

इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, विदेश मंत्री माइकल पोम्पिओ, साथ-साथ तमाम अमेरिकी राजनीतिज्ञ चीन को अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। फ्रांस की रक्षा मंत्री ने भारतीय रक्षा मंत्री को पत्र लिख कर गलवान घटना पर दुख का इजहार किया था. इसके अलावा रूस ने भी चीन को ही जिम्मेदार ठहराया है।

बता दें कि – चीन के साथ चल रही तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लद्दाख पहुँच गए, इस दौरान सीडीएस विपिन रावत, सेना प्रमुख एमएम नरवणे समेत सेना के तमाम अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने गलवान घाटी में घायल हुए भारतीय सैनिकों से मुलाकात भी की और सैनिकों को सम्बोधित भी किया।

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