राममंदिर भूमिपूजन: कांग्रेस समर्थक गोखले के अरमानों पर फिर पानी, इलाहाबाद HC ने ख़ारिज की याचिका

राममंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम रुकवाने के लिए सुप्रीम इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे कांग्रेस समर्थक साकेत गोखले को बड़ा झटका लगा है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साकेत गोखले की याचिका को खारिज करके राम मंदिर भूमिपूजन का रास्ता साफ़ कर दिया है।

साकेत गोखले की याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हम राज्य सरकार और आयोजकों से उम्मीद करते है कि सामाजिक दूरी और सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। भूमिपूजन पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

आपको बताए दें कि साकेत गोखले ने इलाहबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके राममंदिर के भूमिपूजन पर रोक लगाए जानें की मांग की थी। गोखले ने भूमिपूजन को अनलॉक-2 की गाइडलाइन का उल्लंघन बताया है।

साकेत गोखले दिल्ली के एक वकील हैं और आरटीआई एक्टिविस्ट भी खुद को कहते हैं, साकेत गोखले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बेहद करीबी मानें जाते हैं और कांग्रेस के कटटर समर्थक हैं, साकेत गोखले हमेशा राहुल गांधी के समर्थन में ट्वीट करते हैं और ट्विट्टर पर मोदी विरोधी कैम्पेन चलानें के लिए जानें जाते हैं. राहुल गांधी जितनें ट्वीट करते हैं साकेत गोखले उसे तत्काल रीट्वीट करते हैं।

गोखले ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर पीआईएल के माध्यम से यह याचिका लगाई है। साकेत गोखले द्वारा दाखिल याचका में कहा गया है कि अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान तीन सौ लोग इकट्ठा होंगे जो कि कोरोना के नियमों के खिलाफ होगा. और इस कार्यक्रम से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा. यही नहीं पीडिशन में आगे कहा गया है कि यूपी सरकार केंद्र की गाइडलाइन में छूट नहीं दे सकती।