मुकुल रोहतगी के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने दिया झटका, SC में नहीं लड़ेंगे टिक टॉक का केस

नई दिल्ली, 1 जुलाई: भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए टिक-टॉक संत 59 चीनी अप्स पर बैन लगा दिया। मोदी सरकार ने ये फैसला ऐसे वक्त में लिया जब LAC पर भारत और चीन के बीच तनातनी चल रही है।

बैन होनें के बाद अब टिक-टॉक अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहता है। लेकिन वकील नहीं मिल रहे हैं, पहले सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने टिक-टॉक की तरफ से पैरवी करनें से इनकार कर दिया और अब वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी सुप्रीम कोर्ट में टिक-टॉक का केस लड़ने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वह इस बार टिक टॉक की ओर से मुकदमा नहीं लड़ेंगे। सिंघवी ने कहा, मैं टिक टॉक की ओर से पेश नहीं होने जा रहा हूं। मैंने एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट में टिक टॉक के लिए मुकदमा लड़ा था और जीता था। मैं इस मामले में शामिल नहीं होना चाहता हूं।

बता दें कि इससे पहले सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था, मैं चीनी ऐप टिक-टॉक के लिए भारत सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दलीलें नहीं दे सकता।

बता दें कि आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैन किये गए चाइनीज ऐप्स कुछ ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं जो भारत की रक्षा, ​सुरक्षा और पब्लिक की संप्रुभता और अखंडता के लिए हानिकारक है, इसलिए इन्हें भारत में बैन कर दिया गया। गौरतलब है कि भारत में टिक-टॉक समेत सभी चाइनीज एप्स यूज करनें वालों का डेटा सीधा चाइना जाता था। चीन उस डेटा का क्या करता था कोई पता नहीं रहता था। इसी को लेकर सरकार ने चाइनीज एप्स को बैन करनें का फैसला लिया।

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