महाराष्ट्र: पुलिस की बड़ी नाकामी, यरवदा जेल से पांच खूंखार कैदी हुए फरार, अपनाया था ये तरीका

महाराष्ट्र, 16 जुलाई: महाराष्ट्र में पुणे की यरवदा जेल से 5 खूंखार कैदी फरार हो गए, हाईसेक्युरिटी जेल से कैदियों का फरार होना पुलिस की लापरवाही को उजागर करता है, फरार हुए 5 कैदियों में से तीन कैदी मकोका के अंतर्गत जेल में बंद थे, लेकिन अब फरार हो चुके हैं, बतातें चलें कि महाराष्ट्र सरकार ने 1999 में मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) बनाया था। इसका मुख्य मकसद संगठित और अंडरवर्ल्ड अपराध को खत्म करना था, किसी के खिलाफ मकोका लगाने से पहले पुलिस को एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस से मंजूरी लेनी होती है।

यरवदा जेल से फरार होनें के लिए पाँचों कैदियों ने बाकायदा जेल की ग्रिल को तोडा और उसके बाद छत तोड़कर फरार हो गए, अब सवाल यह उठता है कि कैदियों के पास जेल की ग्रिल और छत तोड़नें के औजार कहाँ से आये, कौन मुहैया करवाया, पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी।

बता दें यरवदा जेल काफी हाई सिक्योरिटी जेल मानी जाती है. ये महाराष्ट्र की सबसे बड़ी जेल है। करीब 500 एकड़ में फैली इस जेल में तकरीबन पांच हजार कैदी अलग-अलग बैरक और सिक्योरिटी जोन में रहते हैं। 26/11 मुंबई हमले के आरोपी आतंकी अजमल कसाब को भी 2008 में इस जेल में रखा गया था और 2012 में उसे इसी जेल के अंदर फांसी पर लटका दिया गया था।