गलवान घाटी में मरे 100 से ज्यादा चीनी सैनिक, जिनपिंग की पार्टी के नेता के दावे से मचा हड़कंप

15 जून 2020 को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों को नुकसान हुआ। कर्नल संतोष बाबू समेत भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। इंडियन आर्मी ने भी इसकी पुष्टि की और पूरे देश ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी, वहीँ चीन ने अभी तक अपनें मृत सैनिकों का आंकड़ा नहीं जारी किया है।

अलग-सोर्सेस के मुताबिक़, चीनी सेना को गलवान घाटी में भारतीय सेना ने वो सबक सिखाया है जिसे सदियों तक याद चीनी रखेंगें। शायद इसी बेइज्जती के मारे चीन मृत सैनिकों के आंकड़े नहीं जारी कर रहा है जिसकी वजह से चीन की जनता में भी चीनी सरकार के खिलाफ काफी गुस्सा है।

इन सब के बीच चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलासा किया है कि आखिर सरकार द्वारा क्यों मृत सैनिकों के आंकड़े नहीं जारी किये जा रहे हैं।

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता यांग जिनाली ने दावा किया है कि गलवान घाटी में भारतीय सेना के हाथों 100 से ज्यादा चीनी सैनिक मारे गए हैं, लेकिन चीनी सरकार जानबूझकर आंकड़ा नहीं जारी कर रही है। यांग ने कहा- अगर को बताया तो चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के लिए ही मुसीबतें खड़ी हो जाएँगी, और पार्टी में विद्रोह हो जाएगा।

बता दें की चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है और इस पार्टी का मुखिया चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग ही है, पर पार्टी के अन्दर ही कई खेमे होते है और कम्युनिस्ट पार्टी में भी ऐसे खेमे है जो जिनपिंग को घेरते रहते है। उन्हीं में से एक नेता हैं यांग जिनाली जिन्होनें चीन सरकार की नींद उड़ा दी है।

हालाँकि यांग जिलानी के दावे पर अभी तक चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने भी कुछ नहीं लिखा है। लेकिन गलवान घाटी में चीनी सेना को भयंकर नुकसान हुआ है ये तो तय हैं।

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