योगी सरकार ने दी चीन को घातक चोट, बिजली विभाग में अब नहीं लगेगा चाइनीज मीटर और…?

नई दिल्ली, 23 जून: सोमवार रात ( 15 जून 2020 ) को भारत और चीन सेना के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद देशभर में चीन के खिलाफ आक्रोश है, इसी बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने चीन को बड़ी आर्थिक चोट दी है, LAC पर विवाद के बाद उत्तर प्रदेश ऊर्जा विभाग ने बिजली महकमा ट्रांसमिशन और उत्पादन के साथ ही किसी भी काम के लिये किसी भी चाइनीज उपकरण का उपयोग नहीं करनें का फैसला किया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए मुहैया कराये गये और इंडोनेशिया से खरीदे गये स्मार्ट मीटर को भी उपभोक्ताओं के घरों पर लगाने पर रोक लगा दिया गया है। इस मीटर की सप्लाई करने वाली इंडोनेशिया की कंपनी मूलत: चीन की बताई जा रही है। इसलिए रोक लगा दी गई है।

बता दें कि – इससे पहले भारतीय रेलवे ने रेलवे उपक्रम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन लिमिटेड ने चीनी फर्म बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिज़ाइन इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल एंड कम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड के साथ चल रहे 471 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया। चीन से उपजे तनाव के बाद मोदी सरकार ने BSNL और MTNL में किसी भी चीनी उपकरण के प्रयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

ज्ञात हो की 15 जून को गलवान घाटी में चीन और भारतीय सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, वहीँ चीन के भी 43 सैनिक मारे गए हैं। लेकिन चीन आंकड़ा नहीं बता रहा है। चीनी सेना ने गलवान घाटी में बातचीत करने गई भारतीय सेना की टुकड़ी पर अचानक लाठी-डंडों, पत्थरों और नुकीले हथियारों से हमला बोल दिया। भारतीय सेना ने भी ऑन द स्पॉट बदला लेते हुए चीन के 43 सैनिकों को मौके पर ही ढ़ेर कर दिया।