जिस जमीन को नेहरू ने बंजर कहकर चीन को दे दिया था उसी को पाने के लिए 20 जवान शहीद हो गए: VHP

लद्दाख, 17 जून: चीन और भारतीय सेना के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में सोमवार रात को हिंसक झड़प हो गई, इस हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, चीन को भी भारी नुकसान हुआ है, चीन के तकरीबन 43 जवानों के मारे जाने या हताहत होनें की खबर है।

भारतीय सेना के 20 जवानों की शहादत के बाद विश्व हिन्दू परिषद् ने कहा कि जिस जमीन को नेहरू ने बंजर कहकर चीन को दे दिया था उसी को पाने के लिए 20 जवान शहीद हो गए।

विश्व हिन्दू परिषद् के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने ट्वीट कर कहा की, जिस जमीन को नेहरू ने बंजर कहकर चीन को दे दिया था आज उसी को पाने के लिए 20 जवान शहीद हो गए है, यह बात कांग्रेस को याद रखना चाहिए, निर्लज्जता की भी कोई हद तो होती है।

एक अन्य ट्वीट में विजयशंकर तिवारी ने लिखा, मै देख रहा था कि जब तक सिर्फ भारतीय जाबाज सैनिकों के शहादत की खबर आई थी तब तक हमारे देश के गद्दार नेता, पत्रकार और कथित बुद्धिजीवी बहुत खुश लेकिन जैसे ही खबर आई कि भारतीय सेना ने चीन के 5 सैनिकों को मार गिराए और 11 घायल है तो सभी गद्दार चुप हो गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, गलवान घाटी में भारत और चीन सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ( PLA ) के 43 जवान मारे गए हैं. जानकारी यह भी मिल रही है की, मारे गए जवानों की लाशें ले जानें के लिए चीनी हेलीकाप्टर LAC पर मंडरा रहे थे। हालाँकि चीन की तरफ से कोई पुष्टि नहीं की गयी है, वैसे चीन से सही आंकड़े की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है. क्योंकि चीन जब कोरोना का सही आंकड़ा नहीं दे रहा है तो अपनें सैनिकों के मरनेँ का सही आंकड़ा क्या देगा।

जानकारी के अनुसार, चीन ने धोखे से हमला किया, बातचीत करनें गई भारतीय सेना की टुकड़ी पर चीनी सेना ने लाठी-डंडों, पत्थरों और डंडों में कटीले तार बांधकर हमला बोल दिया। इसके बाद भारतीय सेना ने भी ऑन द स्पॉट जवाब देते हुए 43 चीनी सैनिकों को मार गिराया। हालाँकि चीन ने अभी तक अपनें जवानों के मरनेँ की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।