इमरान खान ने जानबूझकर करवाया कराची में आतंकी हमला, पढ़ें और समझें पूरा मामला

कराची, 29 जून: पाकिस्तान के कराची में सोमवार को बड़ा आतंकी हमला हो गया, दूसरे शब्दों में कहें तो आतंकियों के घर मे आतंकियों ने हमला किया क्योंकि बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय अर्थात जो पाकिस्तान खुद आतंकियों को ट्रेनिंग देकर अपनी सेना की मदद से भारत में घुसवाकर आतंक का नंगा नाच कराता है आज वही पाकिस्तान खुद आतंक का शिकार हो गया। आतंकी आये और ताबड़तोड़ फायरिंग करनें लगे।

बता दें कि – पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग पर चार आतंकियों ने हमला कर किया। चारों आतंकी एक कार में आये और उतरते ही अंधाधुंध फायरिंग करनें लगे। गेट पर आतंकियों का पुलिस के साथ आमना-सामना हो गया. दो आतंकियों को पुलिस ने मौके पर मार दिया। दो घायल अवस्था में स्टॉक एक्सचेंज के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। बाद में वो भी मारे गए। फिलहाल चारों आतंकी ढ़ेर कर दिए गए हैं।

इस आतंकी हमलें में कुल 9 लोगों की मौत हुई इसमें 4 आतंकी, 4 गार्ड और 1 पुलिसवाला शामिल है जबकि दर्जनों गंभीर रूप से जख्मीं हैं, उनमें से भी कई का इंतकाल हो सकता है। आतंकियों के मंसूबें क्या था इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।

पाकिस्तान में आतंकी हमलें की खबर सुनकर लोग चौंक गए, किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि पाकिस्तान में आतंकी हमला हुआ है, क्योंकि पाकिस्तान खुद आतंक का आका है इसको कौन नहीं जानता। स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग पर हुए आतंकी हमलें से जुडी एक बड़ी जानकारी निकलकर सामनें आई है, कुछ जानकारों का मानना है कि इमरान खान सरकार ने खुद आतंकी हमला जानबूझकर करवाया है।

दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की इतनी औकात नहीं है कि वो पाकिस्तान में पल-बढ़ रहे आतंकी संगठनों को ख़त्म कर सके और इसके लिए फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स ( FATF ) उन्हें बख़्श नहीं रहा है, इस तरह से इमरान दुविधा में पड़ गए हैं कि आखिरी किया क्या जाय।

माना जा रहा है कि इमरान खान ने खुद आतंकी आतंकी हमला करवाया है ताकि खुद को आतंक पीड़ित दिखा के सहानुभूति बटोर लें। क्योंकि आतंकी संगठन ख़त्म कर सकते नहीं और अगर पाकिस्तान FATF द्वारा ब्लैकलिस्ट किया जाता है तो पाई-पाई को मोहताज हो जाएगा और उसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और विदेश से कर्ज लेना तकरीबन नामुमकिन हो जाएगा। हाल ही में इमरान खान ने आतंकी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तानी संसद में शहीद घोषित किया था।

दूसरी बात यह कि सभी आतंकवादी मॉस्क लगाकर आये थे, अब आप खुद ही सोंच लो जिनको मरने का डर नहीं उनको कोरोना का इतना डर था कि वो मास्क लगाकर हमला करनें आये थे? इससे शक की सुइयां और मजबूत हो जाती हैं, हो सकता है इमरान खान की प्लानिंग पुलिसवाले को न पता हो और उन्होनें आतंकवादियों को मार गिराया।

Sponsored Articles
loading...