हमारा व्यापार नहीं उपचार करने का मंत्र है, परमिशन न भी मिले तो फ्री में दूंगा दवा: बाबा रामदेव

नई दिल्ली, 24 जून: देश-दुनिया में पिछले कई महीनों से कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है, दुनियाभर के बड़े-बड़े वैज्ञानिक जुटे हैं कोरोना की वैक्सीन ढूढनें में लेकिन अभी किसी को सफलता नहीं प्राप्त हुई लेकिन ‘पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट’ ने कोरोना की दवा बनानें का दावा किया है और बाबा रामदेव ने मंगलवार को कोरोना की आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल टैबलेट’ लॉन्च की है। परन्तु आयुष मंत्रालय ने इस दवा के प्रचार-प्रसार पर रोक लगा दी है।

आयुष मंत्रालय की ओर से ‘कोरोनिल टैबलेट’ के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाए जानें के बाद पतंजलि के निदेशक स्वामी रामदेव ने ‘रिपब्लिक भारत’ न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि हमारा ‘व्यापार’ नहीं ‘उपचार’ करने का मंत्र है, अगर परमिशन न भी मिले तो गरीब-अमीर को फ्री में दवा देंगे।

बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल’ से तीन दिन के अंदर 69 फीसदी मरीज रिकवर हो गए. यानी पॉजिटिव से निगेटिव हो गए। वहीं, इस दवा के जरिए 7 दिन में 100 फीसदी मरीज ठीक हुए हैं, बाबा ने दावा किया कि रिचर्स के बाद आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल का 280 कोरोना रोगियों पर सफल परीक्षण किया गया है। दवा को पूरे रिसर्च के साथ तैयार किया गया है औऱ इसके अच्छे रिजल्ट आ रहे हैं। हमारी आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल का 100% रिकवरी रेट है और डेथ रेट जीरो है।

बाबा रामदेव ने कहा कि सरकार ने आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल के बारें में पूछा उनको भी उत्तर दे दिया, अगर इसमें कुछ लोग विवाद करेंगें तो उसका भी उत्तर दे दिया जाएगा और आयुष मंत्रालय से जो लेटर आया था उनको भी उत्तर दे दिया गया है।

बता दें कि आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल’ को लॉन्च करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि जब कहीं क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल होता है तो कई अप्रूवल लेने होते हैं। इस दवा के लिए भी तमाम नैशनल एजेंसियों से अप्रूवल लिए गए। इस दवा का ट्रायल 280 मरीजों पर किया गया है। बाबा ने बताया कि कोरोना वायरस की यह कोरोनिल नामक दवा एक आयुर्वेदिक दवा है. इस दवा में सिर्फ देसी सामान मिलाया गया है। इस दवा को मुलैठी, गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासारि आदि की मदद से तैयार किया गया है।

वहीँ भारत सरकार के अंतर्गत आने वाला आयुष मंत्रालय ने पतंजलि की दवा कोरोनिल से किनारा काट लिया है, आयुष मंत्रालय ने कहा है कि उसे इस दवा के संबंध में तथ्‍यों के दावे और वैज्ञानिक शोध के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके साथ ही आयुष मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद की ओर से दवा के दावों का विज्ञापन और प्रचार बंद करने को कहा है।