आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 11 जून: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आरक्षण पर बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा की, आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। आरक्षण सम्बंधित एक याचिका पर सुनवाई करनें से इनकार कर दिया।

तमिलनाडु की राजनितिक पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके NEET में 50 फीसदी ओबीसी आरक्षण माँगा था परन्तु सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करनें से इनकार कर दिया। याचिका दायर करने वालों में डीएमके, एआईडीएमके, सीपीएम, तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु की कई अन्य पार्टियां शामिल थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा की, तमिलनाडु की सभी राजनीतिक पार्टियां राज्य के ओबीसी के कल्याण के एक साथ मिलकर आगे आई हैं, यह असामान्य बात है लेकिन आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है कि उसके लिए अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल हो। आप चाहें तो अपनीं बात हाईकोर्ट में रख सकते हैं।

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