कश्मीर में पहले ISIS और पाकिस्तानी झंडा दिखता था, 370 हटते ही तिरंगा लहराने लगा: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली, 14 जून: कोरोना संकट के बीच लोगों से जुड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी वर्चुअल रैली की शुरुवात की है, वर्चुअल रैली अर्थात ऑनलाइन रैली, इस रैली को कहीं से भी लोग देख सकते हैं, वर्चुअल रैली से सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन भी नहीं होता है, वर्चुअल रैली के माध्यम से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर जनसंवाद रैली को सम्बोधित किया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर घाटी में पहली बार तिरंगा फहराने वाले मक़बूल शेरवानी से लेकर हाल में अजय पंडिता तक बहुत सारे लोगों ने अपनी जान यहाँ गँवाई है। उन सब सभी शहीदों को याद कर श्रद्धांजलि देते हुए अपनें भाषण की शुरुवात की.

राजनाथ सिंह ने कहा की, हमारे प्रधानमंत्री जी ने जनमन और जनमत का सम्मान करते हुए 100 दिनों के भीतर ही धारा 370 और 35A को समाप्त कर दिया। इतना ही नहीं पुराने जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांट कर बरसों से पल रही जन आकांक्षाओं का भी सम्मान किया है। रक्षामंत्री ने कहा की कैसी विडम्बना थी कि पहले कश्मीर में आज़ादी को लेकर जब कोई आंदोलन होता था तो कश्मीर का झंडा नहीं दिखता था बल्कि पाकिस्तान और ISIS का झंडा दिखाई देता था। धारा ३७० समाप्त होने के बाद केवल ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’ दिखता है।

इसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया की, 1976 में आपातकाल के दौरान जब संविधान के 42 वें संशोधन के माध्यम से सेक्युलर शब्द जोड़ा गया तो जम्मू-कश्मीर की विधानसभा ने यह शब्द J&K के संविधान में जुड़ने नहीं दिया। अब 370 समाप्त हो जाने के बाद जम्मू-कश्मीर सही मायनों में सेक्युलर हो गया है।

गौरतलब है की, प्रचंड बहुमत के साथ दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद मोदी सरकार जम्मू कश्मीर से धारा 370 को समाप्त कर दिया। 370 समाप्त होते ही ही सही मायनें में जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न अंग बना. भारत का तिरंगा लहराने लगा।

loading...