शरद पवार ने दी कांग्रेस को नसीहत, कहा- 1962 याद रखें, राष्ट्रीय सुरक्षा पर सियासत ठीक नहीं

मुंबई, 27 जून: लद्दाख में भारत और चीन के बीच उपजे विवाद पर कांग्रेस जमकर राजनीति कर रही है। लगातार मोदी सरकार से हमलावर है। अब एनसीपी नेता शरद पवार ने कांग्रेस को 1962 याद दिलाते हुए राजनीति न करनें की नसीहत दी है। एनसीपी प्रमुख और वरिष्ठ नेता शरद पवार की टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में आई जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय क्षेत्र को चीन की अक्रामता के आगे सरेंडर कर दिया है।

गौरतलब है की राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीनी सैनिकों के हिंसक झड़प के बाद से लगातार केंद्र पर निशाना साध रही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरेंडर मोदी तक कह दिया।

शरद पवार ने कहा कि 1962 के युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब पड़ोसी देस ने भारतीय भूमि के बड़े हिस्से पर दावा किया है। हालंकि हम यह नहीं भूल सकते कि 1962 में क्या हुआ था जब चीन ने भारतीय क्षेत्र के 45,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। पवार ने कहा कि यह आरोप लगाने का समय नहीं है, किसी को यह भी देखना चाहिए कि पहले क्या हुआ था, यह राष्ट्रीय हित का मुद्दा, इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

सातारा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार और रक्षामंत्री का बचाव करते हुए शारद पवार ने कहा की गलवान घाटी की घटना को तुरंत रक्षा मंत्री की विफलता के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि भारतीय सैनिक सीमा पर हमेशा सतर्क रहते हैं। ज्ञात हो कि शरद पवार रक्षामंत्री भी रह चुके हैं इसलिए वो राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में भलीभांति जानकारी रखते हैं।

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