लद्दाख: मोदी सरकार ने सेना को दिए एमरजेंसी अधिकार, कहा- जैसी आवश्यकता पड़े करारा जवाब दीजिए

लद्दाख, 17 जून: चीन और भारतीय सेना के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में सोमवार रात को हिंसक झड़प हो गई, इस हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, चीन को भी भारी नुकसान हुआ है, चीन के तकरीबन 43 जवानों के मारे जाने या हताहत होनें की खबर है. इस हिंसक झड़प के बाद मोदी सरकार ने भारतीय सेना पूरी छूट दे दी है, सेना को अब किसी भी कार्यवाही के लिए सरकार से इजाजत नहीं लेनी पड़ेगी।

सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने अपनें ट्वीट में लिखा, मोदी सरकार नें सेना को पूरी छूट दे दी हैं। शीर्ष सैन्य अफसरों से कहा गया-चीन सीमा पर जहां जैसी आवश्यकता पड़े करारा जवाब दीजिए, दिल्ली ( केंद्र सरकार ) से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं, इसके साथ ही उन्होंने लिखा, सेना को दिए गए इमरजेंसी अधिकार। सुप्रीम कोर्ट के वकील ने अपनें ट्वीट में लिखा, एक प्लाटून को घेरकर धोखे से चीनियों द्वारा हमला किया गया,देश यह बलिदान नहीं भूलेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, गलवान घाटी में भारत और चीन सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ( PLA ) के 43 जवान मारे गए हैं. जानकारी यह भी मिल रही है की, मारे गए जवानों की लाशें ले जानें के लिए चीनी हेलीकाप्टर LAC पर मंडरा रहे थे। हालाँकि चीन की तरफ से कोई पुष्टि नहीं की गयी है, वैसे चीन से सही आंकड़े की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है. क्योंकि चीन जब कोरोना का सही आंकड़ा नहीं दे रहा है तो अपनें सैनिकों के मरनेँ का सही आंकड़ा क्या देगा।

जानकारी के अनुसार, चीन ने धोखे से हमला किया, बातचीत करनें गई भारतीय सेना की टुकड़ी पर चीनी सेना ने लाठी-डंडों, पत्थरों और डंडों में कटीले तार बांधकर हमला बोल दिया। इसके बाद भारतीय सेना ने भी ऑन द स्पॉट जवाब देते हुए 43 चीनी सैनिकों को मार गिराया। हालाँकि चीन ने अभी तक अपनें जवानों के मरनेँ की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।