चीन के खिलाफ बड़ा आर्थिक एक्शन ले सकती है मोदी सरकार, दिल्ली-मेरठ RRTS प्रोजेक्ट रद्द होने के आसार

नई दिल्ली, 17 जून: लद्दाख में बॉर्डर पर चीन की कायराना हरकत के बाद अब केंद्र की मोदी सरकार एक्शन में आ गई है। सरकारी सूत्रों के हवाले से आजतक न्यूज़ चैनल ने बताया की आर्थिक तौर पर चीन की कमर तोड़नें के लिए मोदी सरकार चीनी कंपनियों के सभी प्रोजेक्ट रद्द कर सकती है, साथ ही दिल्ली-मेरठ RRTS प्रोजेक्ट पर भी पुनर्विचार संभव है।

आजतक के मुताबिक़, मोदी सरकार भारत में चीन के प्रोजेक्ट पर कड़े फैसले ले सकती है, अगर भारत सरकार ने ऐसा किया तो ये वाकई चीन के लिए बहुत बड़ा झटका होगा। चीन की कायराना हरकत के बाद भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार का आंदोलन जोरों पर है। भारत और चीन सेना के बीच हुई झड़प को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है। ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।

केंद्र सरकार की तरफ से बनने वाले दिल्ली-मेरठ सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ठेका एक चीनी कंपनी को दिया गया है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, दिल्ली-मेरठ ​रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) प्रोजेक्ट के अंडरग्राउंड स्ट्रेच बनाने के लिए सबसे रकम की बोली एक चीनी कंपनी शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (STEC) ने लगाई है। यह ठेका चीनी कम्पनी ने करीब 1100 रूपये में लिया है।

चीनी कम्पनी को दिए गए इस ठेके के रद्द होने के आसार तेज हो गए हैं, मोदी सरकार इसको लेकर क़ानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है। जल्द ही इस मामलें पर बड़ा फैसला आ सकता है।

गौरतलब है की, सोमवार रात को गलवान घाटी में चीन और भारतीय सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, वहीँ चीन के भी 43 सैनिक मारे गए हैं। लेकिन चीन आंकड़ा नहीं बता रहा है।