आखिर भारत में क्यों बैन किये गए टिक-टॉक समेत 59 चाइनीज ऐप, ये हैं प्रमुख कारण

नई दिल्ली, 30 जून: केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार ( 29 जून 2020 ) को टिक-टॉक समेत 59 चाइनीज एप पर बैन लगा दिया। इसमें प्रमुख रूप से टिक-टॉक, हेलो, यूसी ब्राउजर, वी चैट समेत 59 चाइनीज एप शामिल हैं। सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया जब LAC पर चीन के साथ तनातनी चल रही है, हालाँकि चाइनीज ऐप को बंद करनें के पीछे कई अन्य कारण भी हैं.

टिक-टॉक, वी चैट, यूसी ब्राउज़र, क्लब फैक्ट्री समेत 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध को लेकर आईटी मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं, जिसके बाद यह फैसला लिया गया.

आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैन किये गए ऐप्स कुछ ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं जो भारत की रक्षा, ​सुरक्षा और पब्लिक की संप्रुभता और अखंडता के लिए हानिकारक है, इसलिए इन्हें भारत में बैन कर दिया गया। हालांकि, मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज में इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि इन ऐप्स पर रोक कब से लगाई जाएगी। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि इसे तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

गौरतलब है कि भारत में टिक-टॉक समेत सभी चाइनीज एप्स यूज करनें वालों का डेटा सीधा चाइना जाता था। चीन उस डेटा का क्या करता था कोई पता नहीं रहता था। इन अप्स से चीन की अच्छी खासी कमाई भी होती थी लेकिन भारत ने सोमवार को चीन पर डिजिटल स्ट्राइक कर दी।

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