सावधान! जिस MITRON ऐप को समझ रहे हैं भारतीय वो है पाकिस्तानी ऐप, सच्चाई जान उड़ जाएंगे होश

नई दिल्ली, 1 जून: इन दिनों MITRON ऐप का जमकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। MITRON को भारतीय ऐप समझकर अबतक 50 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। दरअसल जिस MITRON को लोग इंडियन ऐप मानकर डाउनलोड कर रहे हैं वो वास्तव में इंडिया का है ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, MITRON ऐप को पाकिस्तानी सॉफ्टवेयर डेवलपर इरफ़ान शेख से ख़रीदा गया है। जबकि दावा किया गया था की MITRON ऐप को IIT रुड़की के छात्र शिवांक अग्रवाल ने तैयार किया था। लेकिन ये गलत है।

MITRON ऐप का असली नाम TIC-TIC है। जिसे पाकिस्तान के इरफ़ान शेख की कम्पनी QBOXUS ने तैयार किया था। लेकिन इरफ़ान शेख ने इस एप के सोर्स कोड को 34 डॉलर्स ( करीब 2500 रूपये में ) किसी को बेंच दिया। अब यहाँ समस्या डेवलपर और पाकिस्तान से नहीं है? समस्या है प्राइवेसी और मेड इन इण्डिया के नाम पर प्रचार-प्रसार करनें की।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है की टिक-टिक ऐप में कोई बदलाव ही नहीं किया गया है, सिर्फ टिक-टिक का नाम MITRON रख दिया। यदि आप गूगल प्ले स्टोर पर जाकर MITRON ऐप की प्राइवेसी पर क्लिक करेंगे तो आपको Shopkiller.in का एक लिंक मिलेगा। हालाँकि ये लिंक खुलेगा नहीं ब्लेंक है। अर्थात MITRON ऐप की कोई प्राइवेसी पॉलिसी है ही नहीं।

सबसे ज्यादा चिंता का विषय यह है की, MITRON ऐप पर आपकी तरफ से अपलोड किये गए वीडियो का इस्तेमाल कहाँ और किस तरीके से होगा, इसका कुछ पता-जता नहीं है। इसके अलावा MITRON को भारत में किसने ख़रीदा और किसने गूगल प्ले स्टोर पर पब्लिश किया है इसपर भी अभी पर्दा पड़ा हुआ है मतलब कोई जानकारी नहीं है। इसलिए MITRON का यूज करते हों तो सावधान हो जाएँ

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