केजरीवाल ने दुश्मनों के हवाले कर दी दिल्ली, लगवाए चीन के CCTV कैमरे, कर सकते हैं जासूसी

नई दिल्ली, 26 जून: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली को दुश्मनों के हवाले कर दी है, LAC पर भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी के बीच ये मामला उजागर हुआ है, जी हाँ! दरअसल दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का ठेका जिस कम्पनी को दिया है वो चीन सरकार की बदनाम कम्पनी हिकविजन है, इस प्रकार चीन दिल्ली में आसानी से जासूसी कर सकता है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार के दस्तावेज में लिखा है कि दिल्ली में 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का ठेका सरकारी कंपनी हिकविजन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को दिया गया है। तो अब सवाल ये है कि दिल्ली में अगर हिकविजन कंपनी के कैमरे लगते हैं उसका चीन की सरकार, चीन की आर्मी से संबंध क्या है?

चीन की सरकार जिस हिकविजन कंपनी की मालिक है उसी चीन सरकार वाली कंपनी के CCTV कैमरे दिल्ली में लगाए जाने हैं। हिकविजन की 2018 की सालाना रिपोर्ट के पन्ने खंगाले गए तो पाया कि कंपनी में कंट्रोलिंग शेयर होल्डर यानी असली मालिक चीन की सरकार ही है. तो क्या इसका मतलब ये है कि चीन की सरकार से जुड़ी कंपनी का सीसीटीवी कैमरा दिल्ली में लगने से देश की राजधानी पर एक खतरा हो सकता है? क्योंकि दिल्ली सभी बड़े नेता मंत्री रहते हैं, सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से चीन राजधानी की हर खबर जैसे पीएम, रक्षा मंत्री, आर्मी चीफ आदि कहा जाते है, किससे मिलते इत्यादि सब ले सकता है।

दावा किया जा रहा है कि जो सीसीटीवी कैमरे केजरीवाल सरकार दिल्ली में लगवा रही है, उसी कैमरे को चीन खुद अपने देश में 20 करोड़ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगा चुका है। चीन की सरकार ने इनमें ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले कैमरे भी लगाए हैं, जो आदमी का चेहरा डिटेक्ट करके उससे जुड़ी हर जानकारी पा सकती है। दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन न प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके केजरीवाल सरकार पर हमला भी बोला है। बता दें कि हिकविजन के कैमरे अमेरिका समेत कई देशों में बैन हैं। लेकिन केजरीवाल इन्हीं कैमरों को दिल्ली में लगवा रही है।

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