गलवान घाटी में भारतीय सेना के जवानों ने 18 चीनी सैनिको की गर्दन तोड़ दी, चेहरा पत्थरों से कुचल दिया

लद्दाख, 20 जून: लद्दाख की गलवान घाटी में बीते सोमवार ( 15 जून 2020 ) को भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में कमांडिंग ऑफिसर संतोष बाबू समेत 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे वहीँ 43 चीनी सैनिकों के भी मारे जानें की खबर आई।

इन सब के बीच अब एक बड़ी जानकारी निकलकर सामनें आई है, जी हाँ! गलवान घाटी में भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को बहुत बुरी तरह से मारा, 18 चीनियों की तो गर्दन तोड़ दी, चेहरे को पत्थरों से कुचल डाला। ऐसा हाल किया की चीनी पहचानने लायक नहीं बचे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के दौरान चीनी सैनिकों की तादाद भारतीय सेना की तुलना में पांच गुना ज्यादा थी अर्थात हर एक भारतीय जवान पर 5 चीनी सैनिक लेकिन उसके बावजूद बिहार रेजीमेंट के जवानों ने चीनियों के होश उड़ा दिये।

सबसे पहले चीनी सैनिकों ने धोखे से बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी. संतोष बाबू पर हमला कर उन्हें मार डाला था। उसके बाद बिहार रेजीमेंट के सैनिकों के सब्र का बांध टूट गया। उस वक्त भारतीय सैनिकों की संख्या काफी कम थी, जब चीनियों ने हमला किया तो बिहार रेजीमेंट के जवानों ने बगल की चौकी से मदद मांगी। भारतीय सेना का घातक प्लाटून दस्ता उनकी मदद के लिए वहां पहुंचा।

अपने कमांडिंग ऑफिसर की हत्या से बेकाबू हुए बिहार रेजीमेंट के जवानों ने बिना देर किये चीनी सैनिकों पर हमला बोल दिया। पुराने समझौते के तहत फायरिंग करना मना था, चीनी सैनिक घातक हथियार लाये थे उन्हीं हथियारों को छीनकर भारतीय सेना ने चीनियों का बुराहाल कर दिया।

बताया जा रहा है कि भारतीय सेना के जवानों ने कम से कम 18 चीनी सैनिकों को कुचल कर मार डाला,18 चीनी सैनिकों के गर्दन की हड्डी टूट चुकी थी और सर झूल रहा था। कुछ के चेहरे इतनी बुरी तरह से कुचल दिये गये थे कि उन्हें पहचान पाना संभव नहीं था। झड़प के अगले दिन चीनी सैनिक दिनभर हेलीकाप्टर से अपनें सैनिकों की लाश ढोते रहे है। चीनी सेना को इस बात की उम्मीद ही नहीं थी की भारतीय सैनिक इतने खतरनाक है, लेकिन अब समझ में आ गया है। चीन के 100 से अधिक जवान मरे हैं लेकिन बेइज्जती के डर से चीन आंकड़े नहीं जारी कर रहा है।

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