चीन को सबक सिखाने की फुल तैयारी, इंडियन आर्मी ने कैंसिल की सभी जवानों की छुट्टियाँ

नई दिल्ली, 17 जून: सोमवार रात को लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन सेना के बीच झड़प हो गई, इस झड़प में भारतीय सेना के 20 सैनिक शहीद हुए तो वहीँ चीनी सेना के 43 सैनिक मारे गए। हालाँकि चीन अभी तक अपने सैनिकों के मारे जाने की संख्या नहीं बता रहा है जबकि चीनी पत्रकार कह रहे हैं चीनी सेना को बहुत बड़ी छति पहुंची है।

चीन को सबक सिखाने के लिए भारत ने पूरी तैयारी कर ली है। नवभारत टाइम्स के मुताबिक़, चीन के साथ उपजे ताजा हालात को देखते हुए इंडियन आर्मी ने सभी जवानों की छुट्टियां कैंसल कर दी हैं। चीन से निपटने के लिए नौसेना और वायुसेना को भी अलर्ट पर रखा गया है। नौसेना ने युद्धपोत और जहाजों के साथ समुद्री सीमाओं पर अपनी पैनी नजर बना ली है। केंद्र सरकार ने इंडियन आर्मी को पूरी तरह से तैयार रहने के लिए कहा है।

चीन की कायराना हरकत के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ( सीडीएस ) जनरल बिपिन रावत ने तीनों सेनाओं को तालमेल बिठाने और जरूरत के मुताबिक प्राथमिकताएं तय करने के निर्देश दिए हैं। नेवी के साथ-साथ वायु सेना ने भी चीन सीमा पर गंभीर स्थिति को देखते हुए फाइटर प्लेन की तैनाती को और आगे बढ़ाया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की चीन बॉर्डर पर हालत कितनें गंभीर हैं।

गलवान घाटी में भारत और चीन सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है की भारत शांतिपूर्ण देश है, इतिहास भी इस बात का गवाह है कि हमने विश्व में शांति फैलाई। पड़ोसियों के साथ दोस्ताना तरीके से काम किया। मतभेद हुए भी तो कोशिश की है कि विवाद न हो। हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं लेकिन अपने देश की अखंडता के साथ समझौता भी नहीं करते। इसके साथ ही पीएम ने यह भी कहा की, शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

चीन और भारतीय सेना के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में सोमवार रात को हिंसक झड़प हो गई, इस हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, चीन को भी भारी नुकसान हुआ है, चीन के तकरीबन 43 जवानों के मारे जाने या हताहत होनें की खबर है.

पहले से तैयारी करके चीन ने धोखे से हमला किया, बातचीत करनें गई भारतीय सेना की टुकड़ी पर चीनी सेना ने लाठी-डंडों, पत्थरों और डंडों में कटीले तार बांधकर हमला बोल दिया। इसके बाद भारतीय सेना ने भी ऑन द स्पॉट जवाब देते हुए 43 चीनी सैनिकों को मार गिराया। हालाँकि चीन ने अभी तक अपनें जवानों के मरनेँ की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।