महीनेभर पहले केरल में एक और हथिनी की ह’त्या की गई थी, अब हुआ खुलासा

केरल, 4 जून: केरल के मल्लापुरम में बीते 27 मई 2020 को भूख से तड़पती एक गर्भवती हथिनी को कुछ शरारती तत्वों ने अनानास में पटाखा भरकर खिला दिया था। मुंह में पटाखा फटने की वजह से हथिनी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। एक फारेस्ट अधिकारी के फेसबुक पोस्ट के बाद 3 जून 2020 को ये मामला प्रकाश में आया।

अब जानकारी मिल रही है की महीनेंभर पहले अप्रैल में भी केरल के कोल्लम जिले में एक हथिनी के साथ क्रूरता की गई गई थी बाद में उस हथिनी की तड़प-तड़पकर मौत हो गई थी। इसका खुलासा अब हुआ, जब मल्लापुरम की घटना ने जोर पकड़ा।

वन इण्डिया हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वन अधिकारी ने बताया की, अप्रैल महीनें में कोल्लम जिले पथनापुरम के जंगलों में भी इसी तरह से एक हथिनी को मार डाला गया था। वहीँ सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने दावा किया है की, मल्लापुरम में एक हथिनी की हत्या के बाद कल कोल्लम जिले में भी उसी प्रकार एक हाथी को पटाखे खिलाकर मार दिया गया। केरल को सबसे अधिक साक्षर राज्य माना जाता है। केरल में मदरसों की संख्या स्कूलों से काफी अधिक है, साक्षरता के आंकड़े मदरसों के दम पर हैं तो उनके कृत्यों से सिद्ध हो रहे।

 

गौरतलब है की केरल के मल्लापुरम में भूख से तड़प रही गर्भवती हथिनी भोजन की तलाश में जंगल से भटककर गाँव में आ गई, इसी दौरान शरारती तत्वों ने अनानास के साथ हथिनी को पटाखे खिला दिया। कुछ देर बाद मुंह में पटाखे फटने की वजह से हथिनी और धरती पर आये बिना उसके बच्चे की मौत हो गई।

मुंह में पटाखा फटने की वजह से हथिनी के जबड़े उड़ गए। दांत भी तहस-नहस हो गया, दर्द से तड़प रही हथिनी को जब कुछ समझ नहीं आया तो बिना किसी को नुकसान पहुंचाए वेलियार नदी में जाकर खड़ी हो गई, उसके बाद नदी में ही हथिनी की मौत हो गई।

हथिनी को बचाने के लिए रेस्क्यू टीम का हिस्सा रहे फॉरेस्ट अफसर मोहन ने अपनें फेसबुक पोस्ट में लिखा की, जब मैनें देखा हथिनी नदी में खड़ी हुई थी, उसका सिर पानी में डूबा हुआ था। उसे पता चल गया था की वह मरनेँ वाली है. खड़े-खड़े ही जल समाधी ले ली। उन्होंने आगे लिखा, मृतक हथिनी 18-20 घंटे बाद बच्चे को जन्म देने वाली थी लेकिन उससे पहले दोनों की मौत हो गई।