कोरोना: सबका कागज चेक करेंगें केजरीवाल, जो नहीं दिखायेगा, उसको…?

नई दिल्ली, 7 जून: पिछले साल देश में नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) लागू हुआ, इसके बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ( एनपीआर ) को भी अपडेट करनें की मंजूरी दे दी। CAA लागू होने और एनपीआर को मंजूरी मिलने के बाद कुछ लोग ( ज्यादातर मुस्लिम और विपक्षी पार्टी के लोग ) इसका विरोध करनें लगे। कई महीनों तक सड़क जाम करके विरोध प्रदर्शन किये और कह रहे थे ‘हम कागज नहीं दिखाएंगें’।

कोई कहता था हमारा कागज खो गया, कोई कहता था हमारा कागज जल गया, क्या सरकार हमें भारत का नागरिक नहीं मानेगी। यही सब बोलकर महीनों तक केंद्र सरकार के खिलाफ बवाल किये। हालाँकि अब सबका कागज चेक करेंगें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, जी हाँ! चौंकिए मत ये सही है।

देशभर में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। देश में महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा कोरोना से प्रभावित हैं। इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ऐलान किया है की, दिल्ली में सिर्फ दिल्ली वालों का ईलाज होगा और किसी का नहीं।

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा की, दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों में अब सिर्फ दिल्ली के निवासियों का ही इलाज होगा। दिल्ली में केंद्र सरकार के जो अस्पताल हैं, उनमें पहले की तरह ही सभी मरीजों का इलाज हो सकेगा। केजरीवाल के इस फैसले के बाद हंगामा मच गया है।

केजरीवाल के इस फैसले के बाद जो दिल्ली में ईलाज कराने जाएगा, उसका कागज चेक किया जायेगा की ये दिल्ली का ही निवासी है या कहीं और का। अगर कागज नहीं रहेगा तो दिल्ली के अस्पतालों में दिल्लीवालों का भी ईलाज नहीं हो सकता है केजरीवाल के मुताबिक, क्योंकि बिना कागज के कैसे पता चलेगा की दिल्ली की अस्पताल में ईलाज कराने वाला दिल्ली का निवासी है या नहीं। इस तरह से दिल्ली की अस्पतालों में ईलाज कराना है तो कागज दिखाना ही पड़ेगा। अब ये बहाना नहीं चलेगा की, हम कागज नहीं दिखाएंगें।