आजमगढ़ में दलित बालिकाओं से छेड़छाड़ और हमला: परवेज, फैजान, नूरआलम समेत 12 गिरफ्तार

आजमगढ़, 12 जून: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से दलित बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ और मारपीट करनें का मामला सामने आया है। इस मामलें में पुलिस ने परवेज, फैजान, नूरआलम समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि महराजगंज थाना प्रभारी सस्पेंड कर दिए गए हैं। इस मामलें का संज्ञान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है, इसके बाद आरोपियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही शुरू हुई।

क्या है पूरा मामला।

आजमगढ़ के सिकंदरपुर आइमा, महराजगंज के निवासी विनोद कुमार द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है की, पीड़ित का लड़का सुधीर कुमार तथा जय भीम अपनें घर बैठे हुए थे तभी गाँव के ही सुहेल ने फोन करके भीम को बुलाया, वहां जाते ही सुहेल भीम को अपनें तीन-चार साथियों के साथ मिलकर मारने लगा, तभी बच्चे को मार खाते देख सुधीर कुमार और अविनाश कुमार भी पहुंचें, इन दोनों को भी सुहेल ने आपनें साथियों के साथ मिलकर खूब मारा।

इसके बाद दलित समाज की 4 महिलायें और गुड्डू नाम के एक व्यक्ति छुड़ाने के लिए मौके पर पहुंच गए और वहां पहले से ही घात लगाए बैठे परवेज, फैजान, नूरआलम, सदरे आलम, आमिर, आसिफ अल्तमश समेत 10 अज्ञात लोग लाठी-डंडे से मारनें लगे, बुरी तरह से पीटा। इसके बाद परवेज व् सुहेल ( उनके साथियों ) ने सुधीर कुमार को कट्टे के मुट्टियों से सर में मार दिया। जिसकी वजह से सुधीर का सर फट गया, वह मौके पर ही गिरकर बेहोश हो गया।

पीड़ित ने बताया की, हम दलित हैं, आरोपी जातिसूचक शब्द व् गाली देकर मारपीट कर रहे थे, जिसकी वजह से गाँव में अफरातफरी व् दहशत का माहौल बन गया है। यह पूरी घटना 10 जून 2020 शाम पांच बजे की हैं। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही की मांग की है और अपनीं जान का को खतरा भी बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, समुदाय विशेष के लोगों ने पहले दलित महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की थी, विरोध करनें के बाद जतिसूचक गाली देकर बुरी तरह पिटाई भी की।

इस मामलें में पुलिस ने परवेज, फैजान, नूरआलम, सदरे आलम, आमिर, आसिफ अल्तमश समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। 7 आरोपी फरार हैं, सभी पर 25-25 हजार का ईनाम घोषित कर दिया गया है। इस पूरे मामलें को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के खिलाफ एनएसए लगाने का आदेश दिया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी पुलिस अधीक्षकों ( एसपी ) को आदेश दिया है की, कहीं भी साम्प्रदायिक या जातीय घटना हुई तो इन्स्पेक्टर और सीओ के खिलाफ कार्यवाही होगी और पुलिस अधीक्षक की जवाबदेही होगी।