भारत के वामपंथी नेताओं ने खुलकर किया चीन का समर्थन, कहा- चीन हमारा दुश्मन है ही नहीं

नई दिल्ली, 24 जून: गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों की झड़प के बाद पूरे देश में चीन के खिलाफ आक्रोश है, भारत के लोग चीनी राष्ट्रपति का पुतला फूंक रहे हैं, चीनी सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं, वहीँ भारत में रहकर भारत का खाने वाले वामपंथी नेताओं ने चीन को दुश्मन मानने से साफ़ इनकार कर दिया है।

दरअसल न्यूज़ ‘नेशन चैनल’ चैनल पर भारत और चीन के बीच उपजे विवाद को लेकर बहस चल रही थी, इस बहस में भाजपा, सपा प्रवक्ता, सेक्युरिटी एक्सपर्ट व् पूर्व रॉ अधिकारी और दो वामपंथी नेता मौजूद थे, सभी पैनलिस्ट चीन का विरोध कर रहे थे तो वहीँ दोनों वामपंथी नेताओं ने चीन को दुश्मन मानने से इनकार कर दिया अर्थात समर्थन किया।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इण्डिया ( सीपीआई ) के नेता विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि कोई भी भारत का पड़ोसी, भारत का दुश्मन नहीं है, वहीँ दूसरे वामपंथी नेता सुनीत चोपड़ा ने कहा कि मैं साफ़ कहना चाहता हूँ, चीन भारत का दुश्मन हो ही नहीं सकता। अगर भारत का कोई दुश्मन है तो वो अमेरिका है।

बता दें कि – चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है, शायद इसीलिए भारत के कम्युनिस्ट नेता देश के बजाय पार्टी को ऊपर रख रहे हैं इसलिए चीन का समर्थन कर रहे हैं। गौरतलब है कि सोमवार ( 15 जून 2020 ) को गलवान घाटी में भारत और चीन सेना के बीच झड़प हो गई थी, इस हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए वहीँ चीन के भी 43 सैनिकों के मारे जाने की खबर सामनें आई।

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