चीनी सैनिकों की गर्दन तोड़ने वाले भारतीय जांबाजों से सेना प्रमुख ने की मुलाकात

लद्दाख, 23 जून: भारत और चीन के बीच LAC पर जारी तनातनी के दौरान सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे दो दिन के दौरे पर लद्दाख पहुंचे। गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुए संघर्ष में घायल हुए भारतीय जवानों से सेना प्रमुख ने लेह के सैन्य अस्पताल में मुलाकात की, हालचाल जाना और जवानों का हौंसला बढ़ाया।

गौरतलब है कि सोमवार ( 15 जून 2020 ) को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन सेना के बीच झड़प हो गई थी, इस हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए वहीँ 43 चीनी सैनिकों के भी मारे जानें की खबर सामने आई।

गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में न सिर्फ भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतारा बल्कि गर्दन तक तोड़ दी, चेहरे को पत्थरों से कुचल डाला। ऐसा हाल किया की चीनी पहचानने लायक नहीं बचे थे। झड़प के दौरान चीनी सैनिकों की तादाद भारतीय सेना की तुलना में पांच गुना ज्यादा थी अर्थात हर एक भारतीय जवान पर 5 चीनी सैनिक लेकिन उसके बावजूद बिहार रेजीमेंट के जवानों ने चीनियों के होश उड़ा दिये।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबैक, भारतीय सेना के जवानों ने कम से कम 18 चीनी सैनिकों को कुचल कर मार डाला, 18 चीनी सैनिकों के गर्दन की हड्डी टूट चुकी थी और सर झूल रहा था। कुछ के चेहरे इतनी बुरी तरह से कुचल दिये गये थे कि उन्हें पहचान पाना संभव नहीं था। झड़प के अगले दिन चीनी सैनिक दिनभर हेलीकाप्टर से अपनें सैनिकों की लाश ढोते रहे है। चीनी सेना को इस बात की उम्मीद ही नहीं थी की भारतीय सैनिक इतने खतरनाक है, लेकिन अब समझ में आ गया है। चीन के 100 से अधिक जवान मरे हैं लेकिन बेइज्जती के डर से चीन आंकड़े नहीं जारी कर रहा है।

 

 

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