चीन को आर्थिक चोट देने की तैयारी: 97% भारतीय टिकटॉक समेत सभी चाइनीज प्रोडक्ट का करेंगें बहिष्कार

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नई दिल्ली, 20 जून: लद्दाख में सीमा पर भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी को लेकर अब भारत के लोग आर्थिक तौर पर चीन की कमर तोड़ने की तैयारी शुरू कर चुके हैं। लोकल सर्कल्स के एक सर्वे में सामनें आया है कि भारत के 97 फीसदी लोग टिक-टॉक समेत सभी चाइनीज प्रोडक्ट का बहिष्कार करेंगें।

लोकल सर्कल्स के मुताबिक़, चीन के साथ चल रही तनातनी को देखते हुए भारत के 97 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे प्रमुख चीनी ब्रांडों जैसे कि शाओमी, वीवो, ओप्पो, वीचैट, टिकटॉक का बहिष्कार करेंगे। 87 फीसदी भारतीयों का कहना है कि वे हालिया भारत-चीन विवाद के बाद अगले एक साल तक चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने को तैयार हैं, जबकि 78 प्रतिशत नागरिक सरकार द्वारा चीनी आयात पर 200 प्रतिशत शुल्क लगाने का समर्थन करते हैं।

वहीँ करीब 90 प्रतिशत भारतीयों का कहना है कि चीन में उत्पादित सभी उत्पादों को अनिवार्य रूप से बीआईएस, सीआरएस, सीडीएससीओ, एफएसएसएआई या प्रासंगिक इंडियन स्टैंडर्ड प्रमाणीकरण के साथ भारत में बेचा जाना चाहिए।

गौरतलब है कि – बीते सोमवार को लद्दाख की गलवान घाटी में चीन की कायरता के बाद भारत में अब चाइनीज प्रोडक्ट के बहिष्कार की मुहिम तेज हो गई है। बड़े-बड़े दिग्गज अब ‘बॉयकॉट चाइनीज प्रोडक्ट’ की मुहिम का हिस्सा बन रहे हैं।