गर्लफ्रेंड से मिलनें के लिए क्वारंटाइन सेंटर से भागे 2 युवक, ऐसे हुआ खुलासा, पुलिस-प्रसाशन परेशान

मणिपुर, 13 जून: देशभर में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है, पूरे देश में अबतक कोरोना मरीजों की संख्या 3 लाख के पार पहुँच चुकी है, इस खतरनाक महामारी से साढ़े 8 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान क्वारंटाइन सेंटर, अस्पताल ऐसे अन्य जगहों से तरह-तरह की हैरान करनें वाली कई ख़बरें आई, कहीं क्वारंटाइन सेंटर में नाचते दिखे तो कहीं क्रिकेट खेलते दिखे। इसी तरह की एक हैरान कर देनें वाली खबर मणिपुर से आई है, जहाँ गर्लफ्रेंड से मिलनें के लिए दो युवक क्वारंटाइन सेंटर से भाग गए। जब बाद में गर्लफ्रेंड से मिलकर दोबारा क्वारंटाइन सेंटर लौटे तो उनके हाथ में जो सामान था उसे देखकर लोग हैरान रह गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मणिपुर के तामेंगलांग में क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है, इस सेंटर में बहुत से लोग हैं, इसी क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे दो युवक अपनें दिल पर काबू नहीं रख पाए और गर्लफ्रेंड से मिलने भाग गए। हालाँकि गर्लफ्रेंड से मिलकर दोनों युवक कुछ समय बाद फिर से क्वारंटाइन सेंटर में लौटे। लेकिन खाली हाथ नहीं! बल्कि दारु, गांजा और सिगरेट लेकर लौटे। दोनों युवकों के हाथ में नशीला पदार्थ देखकर लोग दंग रह गए।

एक दिन अधिकारी अचानक क्वारंटाइन में पहुँच। इस दौरान दोनों युवकों को क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले अन्य लोगों को शराब, सिगरेट और गांजा बेचते रंगे हाथ पकड़ा तो उन्हें दोनों युवकों के क्वारंटाइन सेंटर से भागने और वापस आने की पूरी कहानी पता चली। इस पूरी घटना का जिक्र तामेंगलांग के डिप्टी कमिश्नर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में किया। हालांकि, उन्होंने घटना की तारीख नहीं बताई है! की ये घटना कब की है।

डिप्टी कमिश्नर ने अपनें फेसबुक पोस्ट पर लिखा की, क्वारंटाइन सेंटर से भागे दोनों युवक बाइक से वापस लौटे तो अपने साथ 8 लीटर देसी शराब, चार पैकेट गांजा और सिगरेट लेकर आए। इस पूरे मामलें पर डीएम का कहना है की, इन दोनों को क्या जा दी जाय समझ नहीं आ रहा है। जिला प्रसाशन इन्हें जेल में डालना चाहता था लेकिन कोरोना की वजह से जेल ही बंद है और इन्हें कोई पीट भी नहीं सकता। ऐसा करनें से मानवाधिकार का उल्लंघन होगा। डीएम ने कहा की, मान लो इन्हें अगर फाइन लगाकर छोड़ दिया जाता है तो ये अपनें नशीले पदार्थ को ज्यादा दामों में बेंचकर फाइन की भरपाई कर लेंगें। कुछ समझ नहीं आ रहा है।