मुस्लि’मों को ज्यादा प्रमोट करता था टिक-टॉक, टॉप-5 टिकटकिये थे मु’स्लिम, अब हुए बेरोजगार

नई दिल्ली, 30 जून: केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार ( 29 जून 2020 ) को टिक-टॉक समेत 59 चाइनीज एप पर बैन लगा दिया। इसमें प्रमुख रूप से टिक-टॉक, हेलो, यूसी ब्राउजर, वी चैट समेत 59 चाइनीज एप शामिल हैं। सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया जब LAC पर चीन के साथ तनातनी चल रही है।

टिक-टॉक जिहाद और अफवाहों का मुख्य अड्डा बन चुका था, चीन विवाद से पहले भी टिक-टॉक को बैन करनें की मांग सोशल मीडिया पर जोरशोर से उठी थी, लोगों का मानना था की, टिक-टॉक पर 70-80 फीसदी मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। हिन्दू यूजर्स के मुकाबले टिक-टॉक मुस्लिमों को ज्यादा प्रमोट करता था साथ में कपड़े जूते और पैसे भी देता था. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टिक-टॉक पर सबसे ज्यादा फॉलोवर रखनें वाले टॉप-5 टिकटकिये मुस्लिम समुदाय से थे।

टिक-टॉक पर आये दिन ऐसे वीडियो वायरल होते रहते हैं जो जिहाद को बढ़ावा देते हैं। हैरानी तब होती थी जब ऐसे वीडियोज को बैन करनें के बजाय टिक-टॉक बढ़ावा देता था, आइये जानते हैं उन 5 मुस्लिम टिकटकियों के बारें में जिनकी फैन फॉलोइंग बहुत ज्यादा थी टिक-टॉक पर लेकिन मोदी सरकार के फैसले से सभी टिकटकिये एक झटके में बेरोजगार हो गए।

  1. रियाज़ अली
    टिक टॉक पर रियाज़ अली के 27 मिलियन फॉलोअर्स थे। टिक-टॉक पर इसका वेरिफाइड अकाउंट था, टिक-टॉक इसे बहुत प्रमोट करता था। रियाज मुंबई का रहने वाला था.
  2. निशा गुरगैन
    निशा गुगरैन के टिक-टॉक पर 21.7 मिलियन फॉलोअर्स थे। ये चर्चित कथित स्टार थी।
  3. आरिशफा ख़ान
    आरिशफा के टिक टॉक पर 20.7 मिलियन फॉलोअर्स थे। इंस्टाग्राम बायो के अनुसार आरिशफा एक्टिंग भी करती हैं और मुंबई की रहने वाली हैं।
  4. आवेज़ दरबार
    आवेज़ दरबार के टिक टॉक पर 21.4 मिलियन थे, इंस्टा बायो के मुताबिक आवेज़ कोरियोग्राफर और डांसर हैं।
  5. जन्नत ज़ुबैर
    जन्नत ज़ुबैर रहमानी के टिक-टॉक पर 20.3 मिलियन फालोवर थे, ये भी अपनें आप को टिक-टॉक स्टार लगाता था।
  6. फैजू
    फैजू के टिक-टॉक पर 27 मिलियन फालोवर थे। ये सभी टिकटोकर जिहाद को बढ़ावा देनें वाले वीडियो बनानें के लिए मशहूर थे।

वैसे टिक-टॉक पर एक से बढ़कर एक क्रिएटर थे लेकिन ज्यादा से ज्यादा 10 मिलियन फालोवर के अंदर सिमट कर रह गए, क्योंकि सभी हिन्दू थे। इससे साफ़ अंदाजा लगाया जा सकता है कि टिक-टॉक सिर्फ मुस्लिमों को प्रमोट करता था।

बता दें कि आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैन किये गए चाइनीज ऐप्स कुछ ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं जो भारत की रक्षा, ​सुरक्षा और पब्लिक की संप्रुभता और अखंडता के लिए हानिकारक है, इसलिए इन्हें भारत में बैन कर दिया गया। गौरतलब है कि भारत में टिक-टॉक समेत सभी चाइनीज एप्स यूज करनें वालों का डेटा सीधा चाइना जाता था। चीन उस डेटा का क्या करता था कोई पता नहीं रहता था। इसी को लेकर सरकार ने चाइनीज एप्स को बैन करनें का फैसला लिया।

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