फेक न्यूज़ फैलाने वालों पर योगी सरकार ने कसा शिकंजा, 31 पर FIR दर्ज, कई टिक-टॉक वाले भी शामिल

लखनऊ, 7 मई: देश-दुनिया इस समय कोरोना वायरस के संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में फेक न्यूज़ भी सरकार के लिए चुनौती बन गई है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्मों से फेक न्यूज़ फैलाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। भड़काया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने फेक न्यूज़ वालों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है।

उत्तर प्रदेश के ACS, गृह व सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया की, प्रदेश सरकार द्वारा फेक न्यूज पर कड़ाई से नजर रखी जा रही है। फेक न्यूज के तहत अब तक 777 मामलों को संज्ञान में लेते हुए साइबर सेल को सूचित किया गया है

उन्होंने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके बताया की, अब तक ट्विटर के 38, फेसबुक के 37, टिकटाॅक के 47 तथा व्हाटसएप के 01 अकाउंट को मिलाकर कुल 123 अकाउंट्स को ब्लाॅक किया जा चुका है। अभी तक कुल 31 एफआईआर पंजीकृत करायी गई हैं।

बता दें कि – सबसे ज्यादा अफवाह चीनी एप टिक-टॉक पर फैलाई जा रही है। इस ऐप के माध्यम से न सिर्फ फेक न्यूज़ फैलाई जा रही है बल्कि ये ऐप जिहाद का मुख्य अड्डा भी बन चुका है। पिछले दिनों ट्विटर पर लगातार कई दिनों तक टिक-टॉक के खिलाफ ट्रेंड चला था। लोगों ने टिक-टॉक को बैन करने की मांग की थी। मद्रास हाईकोर्ट ने पहले ही टिक-टॉक पर बैन लगा रखा है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जिस तरीके से सोशल मीडिया पर ( फेसबुक, ट्विटर, टिक-टॉक, व्हाट्सएप्प और इस्टाग्राम ) फेक न्यूज़ फैलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की है। इससे हो सकता है की फेक न्यूज़ में कुछ कमी आये।

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