सड़कों पर पैदल चल रहे मजदूरों पर SC ने लिया संज्ञान, केंद्र-राज्य सरकार से कहा की…?

नई दिल्ली, 26 मई: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देशभर में लगभग 2 महीनें से लॉकडाउन चल रहा है। जो अभी 31 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रवासी मजदूर शहरों से अपनें गाँवों की ओर पलायन कर रहे हैं। हालाँकि प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचानें के लिए सरकार ने ट्रेन-बस की व्यवस्था की है लेकिन बहुत सारे प्रवासी मजदूर पैदल ही अपनें गाँवों की तरह निकल चुके हैं।

देश की सड़कों पर पैदल चल रहे प्रवासी मजदूरों की हालात को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं संज्ञान लिया है और केंद्र-राज्य सरकार से 2 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा की, देश की सड़कों पर अभी भी प्रवासी पैदल चल रहे हैं। सरकारी इंतजाम नाकाफी लग रहा है। केंद्र और राज्य सरकार इसपर जवाब दें। दो दिन बाद फिर से सुनवाई की जायेगी। इस मामलें पर।

बता दें की, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण, SK कौल और MR शाह की बेंच ने मीडिया रिपोर्ट और कोर्ट को मिली चिट्ठियों के आधार पर सड़कों पर चल रहे प्रवासी मजदूरों के मामलें लिया है।

दो दिन के अंदर केंद्र सरकार और राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट को बताना पड़ेगा की सरकारी इंतजाम के बाद आखिर ये मजदूर पैदल क्यों चल रहे हैं।

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