मोदी के काम को फेल करने में जुटे राहुल गाँधी, आरोग्य सेतु एप के इस्तेमाल पर फैलाया डर

नई दिल्ली, 2 मई: कोरोना वायरस देश में तेजी से पैर पसार रहा है। इस खतरनाक और जानलेवा महामारी को नियंत्रित करने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार हर वो सकारात्मक कदम उठा रही है। जिससे कोरोना के संकम्रण को रोका जा सके। कई विपक्षी पार्टी पार्टियां संकट की इस घड़ी में राजनीति को पीछे रखकर देशहित में केंद्र सरकार के साथ हैं। लेकिन कांग्रेस इस समय भी राजनीति करने से नहीं बाज आ रही है।

दरअसल केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को ट्रैक करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप को लांच किया है। इस ऐप से कोरोना संक्रमित की लोकेशन आसानी से ट्रैक की जा सकती है। इस ऐप को अबतक 50 मिलियन से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड भी कर लिए है। लेकिन अब राहुल गांधी आरोग्य सेतु के इस्तेमाल पर डर फैलाने लगे हैं।

राहुल गांधी ने कहा की, आरोग्य सेतु’ एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिसे एक निजी ऑपरेटर को आउटसोर्स किया गया है तथा इसमें कोई संस्थागत जांच-परख नहीं है। इससे डेटा सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं।

वैसे आरोग्य सेतु ऐप में ऐसा कुछ प्रतीत नहीं होता की इस ऐप से प्राइवेसी को खतरा है। इसके अलावाआरोग्य सेतु ऐप में सबसे पहले ही लिखा हुआ है की आपका डेटा भारत सिर्फ सरकार के साथ शेयर किया जाएगा। अगर किसी प्रकार की डेटा लीक समस्या आती है तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार है। इसके बावजूद राहुल गांधी जैसे नेता लोगों में डर फैलाने का काम कर रहे हैं। जबकि ऐसे समय में लोगों को प्रोत्साहन देना चाहिए।