आत्मनिर्भर भारत: मोदी सरकार ने किसानों के लिए खोला खजाना, 1,63,343 करोड़ के पैकेज की घोषणा

नई दिल्ली, 15 मई: कोरोना चलते लॉकडाउन के कारण उपजे हालात को स्थिर करने के लिए केंद्र सरकार लगातार ऐतिहासिक आर्थिक पैकेज का ऐलान कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज किसानों के लिए 1,63,343 करोड़ के पैकेज की घोषणा की।

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आत्मनिर्भर भारत पैकेज तहत खेती-किसानी से जुड़े क्षेत्र को 1,63, 343 करोड़ देने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज तहत 11 उपायों की घोषणा की, इनमें से 8 बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, क्षमता और बेहतर लॉजिस्टिक के निर्माण से संबंधित हैं, जबकि बाकी 3 शासन और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित हैं।

सूक्ष्म खाद्य उपक्रमों को औपचारिक बनाने के लिये 10 हजार करोड़। मत्स्यपालन, मछली उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये जरूरत ढांचागत सुविधाओं खड़ी करने के वास्ते 20 हजार करोड़ रुपये की घोषणा। 53 करोड़ पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिये 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को लेकर 13,343 करोड़ रुपये के कोष की शुरुआत होगी। डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये 15 हजार करोड़ रुपये का पशुपालन बुनियादी संरचना विकास कोष बनाने की घोषणा की

औषधीय खेती को बढ़ावा देने, अगले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर के रकबे को औषधीय खेती के दायरे में लाने के लिये चार हजार करोड़ रुपये की घोषणा की मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन, ग्रामीण क्षेत्रों के दो लाख मधुमक्खी पालकों को होगा लाभ. सभी फलों और सब्जियों तक ऑपरेशन हरित के विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कोष। परिवहन, भंडारण पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। सरकार आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन करेगी; अनाज, खाद्य तेलों, तिलहनों, दालों, आलू और प्याज को इस कानून के दायरे से नियमन मुक्त किया जायेगा। कृषि विपणन क्षेत्र में सुधार से किसानों को विपणन का विकल्प मिलेगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन के बाद प्रसंस्करण करने वालों और मूल्य श्रृंखला के अन्य भागीदारों पर भंडारण सीमा लागू नहीं होगी।