प्रवासी मजदूरों को देना पड़ रहा स्पेशल ट्रेन का किराया, झूठा निकला सोनिया गांधी का वादा

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के तीसरे चरण में अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए गृहमंत्रालय ने स्पेशल ट्रेन चलाने का आदेश दिया। हालाँकि सरकार के सूत्रों ने दावा किया की स्पेशल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से किराया नहीं लिया जाएगा। बल्कि उन्हें यात्रा के दौरान खा-पानी भी मुफ्त में दिया जाएगा। हालाँकि यह दावा झूठा है। मजदूरों से किराया लिया जा रहा है।

स्पेशल ट्रेन से यात्रा करने वाले मजदूरों से किराया लेने की बात सामनें आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ऐलान किया की, अपने-अपने घर लौटने वाले सभी प्रवासी मजदूरों का किराया सरकार भरेगी। लेकिन कांग्रेस का यह भी वादा झूठा ही निकला। कांग्रेस पार्टी किसी भी मजदुर का किराया वहन नहीं कर रही है।
लॉकडाउन से मोहताज हुए मजदूरों को अभी भी अपनी जेब से ही पैसा भरना पड़ रहा है। मंगलवार और बुधवार को लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर पहुंचे मजदूरों ने बताया कि उन्हें किराये अपनी जेब से ही देना पड़ रहा है। कई मजदूरों ने तो यह भी बताया कि उनसे टिकट के किराये से ज्यादा पैसे वसूले गए हैं।

इसके अलावा कुछ मजदूर नासिक से लौटे उनसे भी किराया लिया गया। मजदूरों का कहना है की, पहले कहा गया की किराया नहीं लिया जाएगा। लेकिन स्टेशन पहुँचते ही टिकट लेना अनिवार्य था। बिना टिकट के ट्रेन पर नहीं चढ़ने दिया जा रहा था। मजदूरों का किराया न तो रेलवे माफ़ कर रही है और न ही कांग्रेस पार्टी अपने वाडे के अनुसार किराया दे रही है।