लॉकडाउन के दौरान गरीबों का मसीहा बनकर उभरा गायत्री गंगा परिवार, ऐसा दानवीर नहीं देखा होगा

प्रतापगढ़, 4 मई: कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन की अवधि में तीसरी बार विस्तार किया गया है, जो 17 मई तक लागू रहेगा। इसके कारण गरीबों समेत कई ऐसे लोग हैं जो भूखों रहने को मजबूर हैं। लॉकडाउन के दौरान ऐसे गरीबों और जरूरतमंदों के लिए गायत्री गंगा परिवार मददगार बनकर उभरा हैं। गायत्री गंगा परिवार लगातार जरूरतमंदों को राशन-भोजन मुहैया करवा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के राजगढ़ का गायत्री गंगा परिवार लॉकडाउन लगते ही गरीबों एवं जरूरतमंदों की मदद में जुट गया हैं। जो लगातार जारी है, गायत्री गंगा परिवार अबतक लगभग 1 हजार से ज्यादा गरीब परिवार को राशन पहुंचा चुका है। यहीं नहीं? गायत्री गंगा परिवार भोजन-राशन के अलावा जरूरतमंदों की आर्थिक मदद भी कर रहा है, हालाँकि इनका मदद करने का तरीका कुछ अनोखा है।

गायत्री गंगा परिवार के चीफ प्रज्ञा सिंह ने बताया की, लॉकडाउन के दौरान हम हर जरूरतमंद की मदद कर रहे हैं, चाहे भोजन-राशन सम्बन्धी मदद हो या आर्थिक मदद, लेकिन दिखावा नहीं करते, गरीबों की दिल से मदद करते हैं! अर्थात गायत्री गंगा परिवार गरीबों मदद करते वक्त न तो गरीबो एवं जरूरतमंदों की तस्वीरें खींचता है और न ही तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर करता है।

लॉकडाउन के दौरान गायत्री गंगा परिवार का बिना रुके, बिना थके लोगों तक राशन व भोजन पहुंचाने का काम जारी है। कोई भी व्यक्ति यदि गायत्री गंगा परिवार से संपर्क करता है तो वो निराश नहीं होता है। खुश हो जाता है, क्योंकि मदद का नाम सुनते ही गायत्री गंगा परिवार में ख़ुशी की लहर दौड़ जाती है और फौरन मदद करते हैं। अगर जाना संभव नहीं हो पाता है तो रूपये भेज देते हैं। गायत्री गंगा परिवार अबतक प्रतापगढ़, राजगढ़ में बैठे-बैठे कई राज्यों के जरूरतमंदों की मदद कर चुका है।

प्रज्ञा सिंह ने कहा की, हमारा लक्ष्य है की लॉकडाउन के दौरान कोई भी गरीब एवं जरूरतमंद भूखा न सोये। क्योंकि संकट की इस घडी में किसी की मदद नहीं करेंगें तो कब करेंगें। इसके अलावा उन्होंने कहा की, जरूरतमंदों की मदद करके हमें ख़ुशी मिलती है और आगे भी ऐसी ही मदद करने को प्रेरित करती है। इसलिए हम अनवरत लोगों की सेवा में जुटे हैं।

बता दें कि – गायत्री गंगा परिवार के चीफ प्रज्ञा सिंह एक कांट्रैक्टर हैं, बिजली का बड़ा-बड़ा टेंडर लेते हैं।