45 दिन के अंदर महाराष्ट्र में तीसरी बार हुआ साधुओं पर हमला, 2 दो बार तो ह’*त्या कर दी गई

महाराष्ट्र, 29 मई: देशभर में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, 31 मई तक पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है, इसके बावजूद महाराष्ट्र में साधुओं पर हमला हो जा रहा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की पिछले 45 दिन के अंदर महाराष्ट्र में तीन बार साधुओं पर हमला किया गया. जिसमें से 2 बार संतों की हत्या कर दी गई जबकि तीसरी बार बदमाश संतों पर जानलेवा हमला कर दान-पेटिका लूटकर भाग गए.

पहली घटना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, 16-17 अप्रैल की रात में महाराष्ट्र के पालघर के गढ़चिंचिले में दो संतों कल्पवृक्षगिरि और सुशील गिरी महाराज की पुलिस के सामनें पीट-पीटकर “ह्त्या” कर दी गई थी। इस मामलें में कई पुलिसवालों को सस्पेंड किया गया था और 100 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। साधुओं पर हमलें का आरोप कथित तौर पर वामपंथियों पर लगा था। यहीं नहीं संतों की तरफ से पैरवी करनें वाले वकील दिग्विजय त्रिवेदी की सड़क एक्सीडेंट में मौत हो गई।

दूसरी घटना
बीते 24 मई को महाराष्ट्र के नांदेड़ के उमरी तालुका के नागठाना में बदमाशों ने बाल ब्रह्मचारी शिवाचार्य की गला रेतकर हत्या कर दी। मृतक संत ब्रह्मचारी शिवाचार्य के शव के पास एक और सख्श की लाश मिली थी, इस सख्श का नाम भगवान शिंदे था और ये ब्रह्मचारी शिवाचार्य का सेवक बताया जा रहा है। संत की ह्त्या करनें के बाद बदमाश लूटपाट करके भाग गए। पुलिस इस मामलें की जांच कर रही है।

तीसरी घटना
29 मई को पालघर के वसई तालुका के बालीवली में स्थित जाग्रत महादेव् मंदिर में मौजूद 2 साधुओं पर हमला किया गया। हथियार से लैश बदमाशों ने गुरुवार को आधी रात लगभग 12.30 हमला किया। हथियार से लैश तीन बदमाश अचानक आधी रात जाग्रत महादेव् मंदिर में घुस आये और वहां मौजूद दो साधुओं पुजारी शंकरानन्द और दयानंद पर हमला किया। इसके बाद मंदिर में लूटपाट करके फरार हो गए। हालाँकि इस हमलें में साधुओ को कितनी चोटें आई हैं। इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। हमलाकरने वाले तीनों बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, ऐसा पुलिस की तरफ से कहा जा रहा है।

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