हिंदुस्तान को इटली बनाना चाहती है सोनिया गांधी, ताकि लाशों पर कर सके राजनीति; अमित मालवीय

नई दिल्ली, 4 मई: कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से मजदूर लंबे वक्त से फंसे हुए थे. अब रीब एक महीने बाद उन्हें घर जाने की इजाजत मिली है लेकिन कांग्रेस ने इसपर मजदूरों को गुमराह करने का काम किया है. जिसका बीजेपी नेता अमित मालवीय ने करारा जवाब दिया है.

दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने कहा की, कांग्रेस पार्टी सभी जरूरतमंद मजदूरों के रेल टिकट का खर्च उठाएगी। सोमवार को जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन लागू होने की वजह से देश के मजदूर अपने घर वापस जाने से वंचित रह गए. 1947 के बाद देश ने पहली बार इस तरह का मंजर देखा जब लाखों मजदूर पैदल ही हजारों किमी. चलकर घर जा रहे हैं. जबकि हकीकत यह है की रेलवे मजदूरों को टिकट नहीं बेंच रहा है।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कहा की, सोनिया गांधी हिंदुस्तान को इटली बनाना चाहती है, ताकि लाशों पर राजनीति कर सकें। इसके अलावा मालवीय ने साफ़ किया की, श्रमिकों को रेल का किराया नहीं भरना है। किराए का 85% केंद्र और 15% प्रदेश देंगे। अगर श्रमिकों की ‘चिंता’ थी, तो राजनीति करने की जगह सोनिया गांधी को कांग्रेस शासित प्रदेशों को 15% खर्चा भरने के लिए कहना था।

वही रेलवे की तरफ से कहा गया है, रेलवे प्रवासियों को कोई टिकट नहीं बेच रहा है और केवल राज्यों द्वारा प्रदान की गई सूचियों के आधार पर यात्रियों को यात्रा करवा रहा है। भारतीय रेलवे सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए प्रत्येक कोच में बर्थ खाली रखते हुए श्रमिक विशेष ट्रेनें चला रहा है। ट्रेनें गंतव्य स्थान से खाली लौट रही हैं। रेल मंत्रालय द्वारा प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बोतलबंद पानी दिया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से अब तक 34 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं।