मजदूरों को लेकर “आजतक” ने योगी सरकार के खिलाफ फैलाई फेक न्यूज़, DM ने बताई सच्चाई

बाराबंकी, 26 मई: देशभर में ‘कोरोना वायरस’ का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। संकट के इस दौर में ‘फेक न्यूज़’ की भी बाढ़ आ गई है। फेक न्यूज़ फैलानें में बड़े-बड़े चैनल शामिल हैं। ताजा मामला “आजतक” न्यूज़ चैनल से जुड़ा हुआ है। जी हाँ।

आजतक न्यूज़ चैनल ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में प्रवासी मजदूरों के लिए बनें कथित ‘क्वारंटाइन सेंटर’ की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। हालाँकि बाराबंकी के डीएम ने इस रिपोर्ट को गलत बताया है। अपनी रिपोर्ट में आजतक ने बाराबंकी के जहांगीराबाद में एक सरकारी स्कूल में रुके कुछ मजदूरों के बयान लेकर योगी सरकार को बदनाम करनें की कोशिश की।

आजतक के मुताबिक़, योगी सरकार ने सरकारी स्कूल में क्वारंटाइन सेंटर बनाया है। इस क्वारंटाइन सेंटर में उन मजदूरों को रखा गया है जो बाहर राज्यों से आ रहे हैं। आजतक के रिपोर्टर शिवेंद्र श्रीवास्तव ने अपनी रिपोर्ट में बताया की, इस क्वारंटाइन सेंटर के हालात बद से बदतर हैं। यहाँ रुके मजदूरों को न कोई खाने के लिए पूछता है, न पीने के लिए। इसके अलावा डॉक्टर भी चेकअप करने नहीं आते और न ही ग्रामप्रधान ही कोई देख रेख कर रहा है।

बाराबंकी के डीएम ने ‘आजतक’ की तथाकथित रिपोर्ट को फर्जी बताया है, बाराबंकी डीएम के ऑफिसियल हैंडल से ट्वीट कर बताया गया की, जिस सरकारी स्कूल को क्वारंटाइन सेंटर के रूप में दिखाया जा रहा है, न ही तो यह विद्यालय सरकारी क्वारंटाइन सेन्टर था और न ही इन लोगों को प्रशासन द्वारा यहां क्वारंटाइन किया गया था। सभी को 21 दिन तक अपने घरों में ही क्वारंटाइन करने की हिदायत दी गई थी।

ट्वीट में आगे लिखा गया, यह जांच का विषय है कि किन परिस्थितियों में ये मजदूर इस विद्यालय में रुके। कदाचित आपके रिपोर्टर को भी यह बात पता थी।

अब सवाल यह उठता है  की आखिर आजतक ने किस आधार पर इस रिपोर्ट को तैयार की, क्या इस रिपोर्ट के जरिये योगी सरकार को बदनाम करनें की कोई मंशा थी। इसका सही जवाब आजतक और उनके रिपोर्टर शिवेंद्र श्रीवास्तव ही दे पायेंगें।

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