क्या मोदी करेंगें पक्षपात, राज्यसभा का चुनाव रोका गया तो उद्धव का MLC चुनाव भी रोकें

महाराष्ट्र, 30 अप्रैल: देश में मचे कोरोना वायरस कहर के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है। उद्धव ठाकरे को एमएलसी नामित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कैबिनेट से दो बार प्रस्ताव पास कर भेजा है, लेकिन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। इससे संवैधानिक संकट गहराता जा रहा है, और उद्धव ठाकरे की कुर्सी भी खतरे में पड़ गयी है।

अपनी कुर्सी बचाने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मदद मांगी है, उद्धव ने पीएम को फोन कर कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में राज्य में राजनीतिक अस्थिरता सही नहीं है। इससे राज्य में गलत संदेश जाएगा, जिससे बचना चाहिए। अर्थात! एमएलसी का चुनाव कराया जाय।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि – क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र नरेंद्र मोदी पक्षपात करते हैं क्योंकि कोरोना वायरस के कहर के कारण राज्यसभा का चुनाव अनिश्चितकालीन के लिए टाल दिया गया। देश में लॉकडाउन चल रहा है तो इस दौरान एमएलसी का चुनाव क्यों कराया जाय। इसे भी रोका जाय।

बता दें कि उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर, 2019 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। संविधान की धारा 164 (4) के अनुसार उद्धव ठाकरे को 6 माह में राज्य के किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है। ऐसे में उद्धव ठाकरे को अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी को बचाए रखने के लिए 28 मई से पहले विधानमंडल का सदस्य बनना जरूरी है। अगर 28 मई तक एमएलसी नहीं बने तो मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।