कांग्रेस-शिवसेना की पुलिस ने दिया तानाशाही का सबूत, अर्नब गोस्वामी को 12 घंटे बाद छोड़ा

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मुंबई: रिपब्लिक न्यूज़ चैनल के प्रमुख पत्रकार अर्नब गोस्वामी को कांग्रेस और शिवसेना सरकार की पुलिस ने 12 तक थाने में पूछताछ के नाम पर परेशान करके छोड़ दिया है, अर्नब गोस्वामी अपने स्टूडियो पहुँच चुके हैं और 11 बजे लाइव शो करेंगे।

इससे पहले मुंबई पुलिस के NM जोशी मार्ग थाने में पुलिस ने सुबह से ही अर्नब गोस्वामी से पूछताछ शुरू की और उन्हें घर नहीं जाने दिया, अर्नब गोस्वामी को अब रिपब्लिक भारत टीवी पर हम तो पूछेंगे शो भी नही करने दिया गया. आज मुंबई पुलिस ने साबित कर दिया कि यह सब कांग्रेस और शिवसेना नेताओं और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इशारे पर किया जा रहा है और जान बूझकर अर्नब गोस्वामी को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है. इसे ही शायद तानाशाही कहते हैं.

आपको बता दें कि सोनिया गाँधी के अपमान और बदनाम करने का आरोप लगाकर कांग्रेसियों ने कई कांग्रेस शासित राज्यों में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ सैकड़ों FIR दर्ज करवाई थी और उन्हें गिरफ्तार करवाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेसियों को झटका लगा है.

सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर तीन हप्ते के लिए रोक लगा दी है, इसके अलावा सभी FIR पर किसी भी तरह की कार्यवाही पर तीन हप्ते की रोक लगा दी है, यह भी कहा है कि हर FIR पर अलग अलग स्थानों पर सुनवाई नहीं हो सकती इसलिए सभी FIR जो जोड़कर एक FIR बनायी जाय. इसके अलावा नागपुर में दर्ज FIR को मुंबई ट्रांसफर किया जाय.

अर्नब गोस्वामी की और उनके ऑफिस की सुरक्षा करने के भी पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं. कांग्रेस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल और अन्य वकील शामिल हुए जबकि अर्नब की तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी शामिल हुए.

कांग्रेसियों ने सोचा था कि अर्नब गोस्वामी के खिलाफ सैकड़ों FIR दर्ज करवाकर उन्हें अलग अलग राज्यों और शहरों की अदालतों में दौड़ा दौड़ा कर परेशान करेंगे लेकिन उनकी मंशा कामयाब नहीं हुई, अब सिर्फ एक FIR रहेगी और उसकी सुनवाई मुंबई में होगी। अर्नब के वकील ने यह भी मांग की है कि अर्नब गोस्वामी पर हमले की FIR भी इसी मामले से जोड़कर देखी जाय और दोनों की सुनवाई साथ साथ की जाय.