मुंबई में शुरू हुई तानाशाही, पहले एक रिपोर्टर की गिरफ़्तारी, अब अर्नब से 12 घंटे पूछताछ?

मुंबई, 28 अप्रैल: महाराष्ट्र में लगता है अब खुल्ल्म-खुल्ला तानाशाही शुरू हो गई है, लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया को सीधे निशाना बनाया जा रहा है। जी हाँ?

हाल ही में मुंबई में एबीपी न्यूज़ के रिपोर्टर राहुल कुलकर्णीं को गिरफ्तार किया गया था। अब रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के संस्थापक और सम्पादक अर्नब गोस्वामी से मुंबई पुलिस ने लगातार 12 घंटे पूछताछ की। ऐसा लग रहा है जैसे महाराष्ट्र की एनसीपी-शिवसेना-काँग्रेस सरकार पत्रकारों की आवाज दबानें में जुट गई है।

बता दें कि – एबीपी न्यूज़ के रिपोर्टर राहुल कुलकर्णीं पर आरोप था की उन्होनें मराठी चैनल एबीपी माझा में लॉकडाउन के दौरान ट्रेन चलने की झूठी खबर चलाई थी। इस खबर के बाद यूपी-बिहार के कई हजार लोग अपने-अपने गाँव जानें के लिए बांद्रा रेलवे स्टेशन पर इकठ्ठा हो गए।

जबकि सच्चाई यह है की राहुल कुलकर्णीं ने रेलवे के एक पत्र के आधार पर खबर चलाई थी, दूसरी बात उत्तर भारत के लोग बहुत कम ही होंगें जो मराठी समझेंगें। तीसरी बात यूपी, बिहार के लिए बांद्रा टर्मिनल से ट्रेन चलती है। इस तरह से मुंबई पुलिस ने सरकार की नाकामी छुपाने के लिए बेवजह राहुल कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था।

अब मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी से 12 घण्टे पूछताछ की। अर्नब का कसूर सिर्फ इतना था की उन्होंने पालघर में दो साधुओं की निर्मम ह्त्या पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाया था। नतीजा यह निकला की कांग्रेस ने केवल छत्तीसगढ़ में अर्नब के खिलाफ 100 से ज्यादा एफआईआर करा दी और अब मुंबई में 12-12 घंटे पूछताछ करवा रही है। यही नहीं कांग्रेस ने अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला करवाया था। सोमवार को अर्णब गोस्वामी से मुंबई के एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में 12 घंटे पूछताछ हुई।

मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना जाता है। पत्रकारों को सवाल पूछने की आजादी भारत का संविधान देता है। लेकिन महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार इस आजादी को ख़त्म करना चाहती है। इसके संकेत दे दिए हैं। क्योंकि देश के माने-जानें पत्रकार से मामूली से बात में 12 घंटे पूछताछ करना कोई आम बात नहीं है। जबकि अर्नब और उनकी पत्नी पर हमला करने वाले दोनों यूथ कांग्रेस  कार्यकर्ताओं को जमानत मिल गई। मुंबई पुलिस ने उनसे एक घंटे भी पूछताछ नहीं की।

loading...