भाजपा नेता ने कहा- छात्रों को 3 मई से पहले वापस लाएं CM नीतीश, वरना 5 लाख वोटों से,..?

पटना, 29 अप्रैल: लॉकडाउन के कारण कोटा में फंसे बिहार के छात्र-छात्राओं को लेकर बिहार में नेताओं की सहानुभूति और बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। सीएम नीतीश कुमार पर छात्रों को वापस लाने के दवाब बनाया जा रहा है।

बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व वर्तमान बीजेपी एमएलसी संजय पासवान ने सीएम से बच्चों को वापस लाने का अनुरोध करते हुए सीएम को इस मुद्दे के कारण राजनीति के बिगड़ते गणित की भी जानकारी दी।

उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन में फंसे बच्चों की संख्या केवल एक हजार हो सकती है, लेकिन इन बच्चों के फंसे होने के कारण 1 लाख परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा इन बच्चों के प्रति उनकी सहानुभूति है। उनका कहना है कि यदि एक लाख परिवारों में 5 मतदाता हैं, तो 5 लाख मत प्रभावित होंगे।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते बाहरी प्रदेशों में फंसे बच्चों को वापस लाना सीएम का कर्तव्य है। बच्चों को वापस न लाने से सरकार को राजनीतिक नुकसान भी हो रहा है। इस वर्ष चुनाव भी होने वाले हैं। सरकार को 3 मई से पहले सभी बच्चों को वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा प्रदेश के सभी मध्यमवर्गीय परिवारों का 1 बच्चा कोटा में पढ़ता है।