खाना तो दूर? केजरीवाल ने बिजली, पानी के लिए तरसा दिया, दिल्ली से पलायन करने वालों का छलका दर्द

नई दिल्ली, 29 मार्च: कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में 14 अप्रैल तक किये गए लॉकडाउन के बीच राजधानी दिल्ली से गरीब, असहाय पलायन करने पर मजबूर हैं। महज 24 घंटे के अंदर दिल्ली से अबतक लाखों गरीब पलायन कर चुके हैं। केजरीवाल सरकार पलायन करने वालों को रोकने में पूरी तरह से फेल साबित हुई है।

पलायन करने वाले गरीबों का कहना है की-  बिजली, पानी फ्री करके और आगे भी फ्री ही रहने का वादा करके केजरीवाल सत्ता में आये, लेकिन अब संकट की घडी में केजरीवाल ने गरीबों, बेसहारा लोगों के साथ विश्वाश्घात किया है?

मीडिया से बात करते हुए पलायन करने वालों का दर्द छलक उठा, कहा की, केजरीवाल कह रहे हैं की हमनें गरीबों के लिए खानें-पीने का इंतजाम कर दिया है, लेकिन यह सब झूठ है। अगर हमारे खानें-पीने का इंतजाम होता तो हम पलायन क्यों करते। लोगों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए। लॉकडाउन के दौरान भोजन, दूध नहीं मिला। भूखे लोग सड़कों पर उतरे। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बार्डर पर बसें खड़ी हैं, जो यूपी और बिहार ले जाएंगी।

लोगों का कहना है की, बहुत सारे लोगों को मदद के नाम पर डीटीसी की बसों से बॉर्डर तक पहुंचवाकर छोड़ दिया। जबकि देश में लॉकडाउन लगा हुआ है, संकट की इस घडी में जब गरीबों के साथ खड़ा होने का समय आया तो केजरीवाल सरकार ने हाथ खड़े कर दिए और तो और जिन लोगों को डीटीसी बसों से छोड़ा जा रहा है उनसे किराया तीन गुना लिया जा रहा है।

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