अपमान का घूँट ज्यादा नहीं सह पाए ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस छोड़कर हुए मामा के साथ

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नई दिल्ली, 10 मार्च: मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा देकर कांग्रेस सरकार भी गिराने की चाल चल दी है. वह भाजपा में शामिल होकर केंद्र में मंत्री बनने वाले हैं और मध्य प्रदेश में मामा सरकार बनने वाली है.

बात दरअसल ये है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने साथ करीब 20 विधायकों को लेकर कर्णाटक चले गए हैं और कमलनाथ सरकार से बगावत कर दी है।

आज ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की और सोनिया गाँधी को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया। अगर मध्य प्रदेश में उनकी मदद से भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें राज्यसभा सीट दीजाएगी और केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ डरे हुए हैं, उन्होंने देर रात सभी मंत्रियों से इस्तीफ़ा ले लिया, उनका कहना है कि वह फिर से मंत्रिमंडल का गठन करेंगे। अब वह भाजपा विधायकों पर डोरे डालने की सोच रहे हैं लेकिन इस बार का संकट बड़ा है इसलिए कमल का बचना मुश्किल लग रहा है।

कांग्रेस से क्यों नाराज हुए सिंधिया

आपने देखा होगा कि एमपी विधानसभा चुनाव ज्योतिरादित्य सिंधिया की अगुवाई में लड़ा गया था लेकिन कांग्रेस की जीत होने के बाद कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना दिया गया और सिंधिया को किनारे कर दिया गया, सिंधिया तभी से नाराज चल रहे थे, मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने किसानों का लोन माफ़ करने में वादाखिलाफी की जिसका खामियाजा ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही भुगतना पड़ा और वे बुरी तरह से लोकसभा चुनाव हार गए. मतलब एमपी में कांग्रेस को जीत दिलाने के बाद भी कांग्रेस ने लगातार उनका अपमान किया इसी वजह से आज उन्होंने कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थामने का निर्णय कर लिया है.