इटली में 20 फ़रवरी तक नहीं था कोरोना, लेकिन अब चारों तरफ कोरोना, लापरवाही ना करें, सावधान रहें

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फरीदाबाद, 20 मार्च: भारत को इटली की बर्बादी से सीखने की जरूरत है. वहां एक महीने पहले कोरोना नहीं था, लोगों ने लापरवाही दिखाई और इसे सीरियसली नहीं लिया, लोग अपने घरों से निकलकर पार्कों में, सिनेमाघरों में और जान पहचान वालों के यहाँ मस्ती करते रहे, सिर्फ एक महीनें में इटली में चारों तरफ कोरोना ही कोरोना है और रोजाना 5000 से अधिक नए मामले आ रहे हैं, जनता को अब अपनी गलती का अहसास है लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है.

भारत में कुछ लोग अभी भी कहते देखे जाते हैं – कोरोना हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, यह सब अफवाह है, लोग फालतू में परेशान हैं, जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में हैं, हमें कुछ नहीं होगा, सरकार मूर्ख बना रही है, इससे पहले स्वाइन फ़्लू भी आया था, बर्ड फ़्लू भी आया था, डेंगू और चिकनगुनिया भी आया था, मौसम बदलने से ऐसी बीमारियां आती जाती रहती हैं।। आदि आदि।

यही बातें इटली के लोग भी कहते थे लेकन आज वहां पर हाहाकार मचा हुआ है, कोरोना वायरस से वहां पर हर रोज 400 से अधिक मौतें हो रही हैं और अब तक 3500 लोगों की मौत हो चुकी है, करीब 42 हजार लोगों में संक्रमण है और रोजाना 3000 से 5000 नए संक्रमण बढ़ रहे हैं, अगर यही ट्रेंड जारी रहा और संक्रमण पर रोक नहीं लगी तो इटली ख़त्म हो जाएगा और कोरोना मानव जाति के लिए खतरा बन जाएगा।

इटली में सब कुछ बंद है, लोग घरों से भी नहीं निकल पा रहे हैं। घर से बाहर निकलने के लिए पुलिस से परमिशन लेनी पड़ती है और तय समय में खाने पीने का सामान लेकर वापस लौटना पड़ता है। सबकी जिंदगी रुक गयी है, लोग डर डर कर जी रहे हैं लेकिन यही लोग एक महींने पहले कोरोना का मजाक बना रहे थे, एक महीनें पहले इटली में कोरोना का कोई मरीज नहीं था लेकिन आज हर तरफ कोरोना के मरीज दिखाई देते हैं, सिर्फ एक महींने में इस वायरस ने सब कुछ तबाह कर दिया और लोगों की जिंदगी हराम कर दिया है।

ऐसी ही कहानी स्पेन की है, वहां भी इटली जैसे हालात पैदा हो चुके हैं इसीलिए भारत सरकार ने समय रहते सावधानी बरतनी शुरू कर दी है लेकिन कुछ लोग मोदी सरकार के प्रयासों का मजाक उड़ा रहे हैं, खासकर कांग्रेस के लोग तो मोदी सरकार के अभियान को फेल करने के प्रयास में लगे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कल भारतीयों से जनता कर्फू लगाने की अपील की, उन्होंने कहा की अपने घरों के बुजुर्गों को कुछ हफ़्तों तक घर से बाहर ना निकलने दें, खुद भी घर में रहें और घर से ही काम करें। इस वायरस का खतरा इतना विकराल है की एक देश दूसरे देश की मदद भी नहीं कर पा रहा है, कई देशों में मरीजों की संख्या में विस्फोट हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी कोरोना को लेकर इसलिए इतने गंभीर हैं क्योंकि उन्होंने इटली, स्पेन, अमेरिका, फ़्रांस, कनाडा आदि देशों पर रिसर्च कर दिया है, वहां पर कोरोना मरीजों की संख्या में एकाएक बढ़ोतरी हुई है। देखते ही देखते इस वायरस ने हजारों लोगों को संक्रमित कर दिया और आर्थिक तबाही मचानी शुरू कर दी, भारत अभी खतरे से बाहर है लेकिन थोड़ी सी लापरवाही इस खतरे को बढ़ा सकती है और देश में आर्थिक तबाही ला सकती है, इसका नुकसान सिर्फ देश को नहीं होगा, सम्पूर्ण जनता का होगा, इसलिए कोरोना का मजाक ना बनाएं और सावधानी बरतकर इसको कराने का प्रयास करें।

कोरोना का मजाक बनाने वालों को पता होना चाहिए – जब किसी को कोरोना हो जाता है तो उसके जरिये पूरे परिवार को कोरोना हो जाता है और मरीजों को अलग रखना पड़ता है, उसके बाद कोई आपकी मदद के लिए आगे नहीं आता, लोग डरते हैं की कहीं हमें भी कोरोना ना हो जाए, रिश्तेदार मिलना बंद कर देते हैं, घर से बाहर निकलकर खाने पीने की चीजें नहीं खरीद सकते। सिर्फ डॉक्टर और नर्सेस के भरोसे और भगवान् के भरोसे रहना पड़ता है। इसलिए इस वायरस के संक्रमण में आने से बचने की कोशिश करनी चाहिए ताकि खुद भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकें।