कुछ दिनों के लिए नॉन-वेज छोड़ना कोरोना वायरस से करेगा 80 फ़ीसदी सुरक्षा, पढ़ें क्यों

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फरीदाबाद, 7 मार्च: अगर एक्सपर्ट की मानें तो कोरोना वायरस चीन के सी-फ़ूड मार्किट यानी मछली मार्केट से फैला था, कुछ लोग यह भी कहते हैं कि चीन ने कोरोना वायरस दुश्मन देशों को ख़त्म करने के लिए अपनी वुहान की लैब में पैदा किया था लेकिन यह वायरस किसी तरह से वुहान की लैब से लीक हो गया और चीन में बुरी तरह फ़ैल गया. एक्सपर्ट लोग यह भी कहते हैं कि चीन में इस वायरस ने इतना कहर इसलिए बरपाया है क्योंकि वहां के लोग नॉन-वेज यानी मांस, मछली अधिक खाते हैं और कई लोग तो कच्चे जानवर ही खा जाते हैं.

कोरोना वायरस अब भारत में भी आ चुका है लेकिन यहाँ के लोग कच्चा मांस नहीं खाते इसलिए कोरोना का यहाँ पर उतना खतरा नहीं है लेकिन लोग मीट मार्किट से कच्चा मांस खरीदकर घर लाते हैं और कुछ लोग मांस को बिना पूरी तरह से पकाये ही खा जाते हैं इसलिए यहाँ पर नॉन-वेज खाने वालों को अधिक खतरा है.

मीट मार्किट में अत्यधिक दुर्गन्ध भी होती है, कच्चा और बचा खुचा मांस, कटा छँटा मांस इधर उधर फेंक दिया जाता है इसलिए मीट मार्किट कोरोना वायरस के लिए आशियाना बन सकती हैं इसलिए यूपी के लखनऊ में मीट बेचने पर प्रतिबन्ध लग चुका है.

कहने का मतलब ये है कि कोरोना वायरस 80 फ़ीसदी नॉन-वेज भोजन से फ़ैल रहा है और 20 फ़ीसदी हाथ मिलाने और अन्य माध्यमों से फैल रहा है इसलिए अगर आप कुछ दिनों तक नॉन-वेज खाना छोड़ दें तो आप कोरोना से 80 फ़ीसदी बच सकते हैं, इसके साथ साथ अगर आप लोगों से हाथ मिलाने के बजाय दोनों हाथ जोड़कर नमस्ते करें तो आप 100 फ़ीसदी सुरक्षित रह सकते हैं.

कोरोना और नॉन वेज में सम्बन्ध

कोरोना इंसानों से इंसानों में सिर्फ हाथ मिलाने या एक दूसरे से शरीर छूने से ही फैलता है, यह जानवरों से अधिक फैलता है, पहले यह किसी जानवर को होस्ट बनाता है, अगर कोई इंसान उस जानवर को खाएगा तो यह वायरस इंसान के शरीर में फ़ैल जाता है और उसके बाद एक इंसान से दूसरे इंसान के शरीर में हाथ मिलाने या शारीरिक संपर्क बनाने से फैलता है. डॉक्टर कहते हैं कि मांस खाने से पहले अच्छी तरह से पका लें ताकि वायरस मर जाए. यह सावधानी अपनाई जा सकती है लेकिन मांस छोड़ना और अच्छा विकल्प होगा।

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