गरीबों-मजदूरों को पैसे ना देना पड़े, इसलिए चालाकी से केजरीवाल-सिसोदिया ने उनका करवाया पलायन

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नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया वाकई में बड़े चालाक नेता हैं, साम दाम दंड भेद हर चीजों में ये उस्ताद हैं.

21 दिनों के लिए लॉक डाउन है, सभी सरकारें अपने नागरिकों, गरीबों, मजदूरों की मदद कर रही हैं लेकिन केजरीवाल और सिसोदिया ने गरीबों, मजदूरों को डराकर और प्लानिंग के तहत उनका यूपी और बिहार की तरफ पलायन करवा दिया ताकि इन गरीबों को पैसे ना देने पड़ें।

यह सब एक सोची समझी रणनीति के तहत किया गया, कई सारे गरीबों के पास रहने की जगह नहीं है लेकिन केजरीवाल सरकार ने कहा कि हम चार लाख लोगों के खाने दो तीन जगहों पर इंतजाम कर रहे हैं, यह सुनकर गरीब और डर गए और लोगों ने सोचा कि हमें एक जगह पर कैद किया जाएगा, इसलिए लोग यूपी बिहार, बंगाल की तरफ अपने गाँवों की तरफ भाग लिए.

कहने को तो दिल्ली में बसें बंद हैं लेकिन केजरीवाल ने अपनी चालाकी के तहत DTC बसें भी चलवा दीं ताकि इन लोगों को यूपी बॉर्डर तक पहुँचने में परेशानी ना हो, इन लोगों से 10 रुपये के बजाय 30 – 50 रुपये किराया भी वसूला गया, मतलब जाते जाते भी केजरीवाल ने कमाने का मौका नहीं छोड़ा।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि हम रोजाना 100 नए मरीजों के लिए तैयार हैं और आगे की भी तैयारी कर रहे हैं, केजरीवाल के मुंह से ऐसी बातें सुनकर लोगों ने सोचा कि अब तो कोरोना जरूर फैलेगा और दिल्ली में रहना मुश्किल हो जाएगा, इसलिए यहाँ से भागना ही बेहतर है.

केजरीवाल ने यह कभी नहीं कहा कि हम गरीबों, मजदूरों की आर्थिक मदद करेंगे, उन्होंने सिर्फ ये कहा कि हम चार लाख लोगों के लिए खाने का प्रबंध कर रहे हैं. ये वादा भी झूठा है क्योंकि ऐसा कोई प्रबंध नहीं है, केजरीवाल का मीडिया मैनेजमेंट अच्छा है, करोड़ों रुपये देकर टीवी चैनलों पर विज्ञापन करवा रहे हैं इसलिए मीडिया चैनल भी उनके खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे हैं.